app-store-logo
play-store-logo
March 13, 2026

पानी की बोतल पर भी पड़ेगा ईरान जंग का असर, भारत के कारोबारियों में चिंता बढ़ी

The CSR Journal Magazine
गर्मी का मौसम नजदीक आ रहा है, और इस दौरान भारत में पानी की बोतलों की डिमांड काफी बढ़ जाती है। रेलवे, मेट्रो, बस स्टेशन और पान की टपरी जैसे स्थानों पर लोग ज्यादा मात्रा में पानी की बोतलें खरीदते हैं। हालाँकि, इस बार भारत में 5 अरब डॉलर के पैक्ड पानी के बाजार पर ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध का असर देखने को मिल सकता है। इससे बोतलबंद पानी की कीमतें बढ़ने का अनुमान है।

कीमतों में संभावित इजाफा

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, इस संघर्ष के चलते भारत के निर्माता बोतलबंद पानी की कीमतें बढ़ा सकते हैं। कीमतों में इजाफा प्लास्टिक की बोतलों, लेबल और कार्डबोर्ड बॉक्स जैसे कई अन्य सामानों पर असर डाल सकता है। भारत, बोतलबंद पानी के बड़े बाजारों में से एक है, और यदि कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

कीमतों का कारण क्या है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, फेडरेशन के महासचिव अपूर्व दोषी ने कहा कि अगले कुछ दिनों में ग्राहकों के लिए कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। तेल की बढ़ती कीमतों ने पॉलीमर की लागत को बढ़ा दिया है, जबकि पॉलीमर कच्चे तेल से बनता है। प्लास्टिक की बोतलें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत 50% तक बढ़ चुकी है। इस कारण बोतलें महंगी होने का खतरा मंडरा रहा है।

पानी की शुद्धता का संकट

भारत में 1.4 अरब की आबादी के लिए साफ पानी मिलना एक चुनौती है। रिसर्च के अनुसार, यहाँ का 70% भूजल दूषित है, जिससे लोग बोतलबंद पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। बिसलेरी, कोका-कोला की किनले और टाटा जैसी कंपनियाँ इस 5 अरब डॉलर के मार्केट में आपसी प्रतिस्पर्धा में लगी हैं।

गुजरात का प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर

गुजरात में प्लास्टिक की पानी की बोतले सबसे प्रमुख होती हैं। चाहे घर हो या दफ्तर, प्यास बुझाने के लिए पॉलीइथाइलीन टेरेफ्थेलेट (PET) बोतलों का ही इस्तेमाल किया जाता है। ईरान-इजराइल संघर्ष के कारण पॉलीमर की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है। गुजरात का प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र भारत के कुल प्लास्टिक उत्पादन का 35% से 40% हिस्सा बनाता है। यहाँ 10,000 से अधिक यूनिट्स हैं।

उत्पादन पर दबाव

इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि PET पॉलीमर की कीमतें केवल 12 दिनों में लगभग 40% बढ़ गई हैं। इससे गर्मियों में पैकेट वाले पानी की बोतलों की मांग पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति ने कारोबारियों की चिंता को और बढ़ा दिया है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos