भारत की रक्षा रणनीति: 6th जेनरेशन फाइटर जेट्स पर काम

The CSR Journal Magazine
भारत अब ‘नॉन-कॉन्टैक्ट वारफेयर’ यानी बिना आमने-सामने के संघर्ष की तैयारी कर रहा है। ईरान में चल रही जंग के बीच भारत ने अपनी सैन्य तकनीक को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार ने 5th जेनरेशन फाइटर जेट्स (AMCA) के बाद अब आधिकारिक तौर पर 6th जेनरेशन के फाइटर जेट्स के डिजाइन पर काम शुरू कर दिया है। यह रिपोर्ट संसद में पेश की गई रक्षा समिति द्वारा सामने आई है。

नई तकनीकें और मिशन

भारत अब लंबी दूरी की मिसाइल सुरक्षा प्रणाली, जैसे स्वदेशी एस-400 और ड्रोन को निशाना बनाने वाले अनंत शस्त्र पर कार्य कर रहा है। इन नई तकनीकों के साथ, भारत फाइटर जेट्स के लिए शक्तिशाली स्थानीय इंजन, नौसेना के लिए सुरक्षा मेनिफेस्टो और AI व साइबर डिफेंस प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रहा है। यह सब कुछ नॉन-कॉन्टैक्ट वारफेयर के लिए आवश्यक है।

आधुनिक युद्ध के लिए बजट में इजाफा

सरकार ने भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने के लिए 2 लाख करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा निवेश में 2,19,306.47 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21.84% अधिक है। इसमें सशस्त्र बलों के आधुनिकाइजेशन और नए हथियारों की खरीद का ध्यान रखा गया है।

डिफेंस बजट का प्रभाव

रक्षा मंत्री ने कहा है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह बजट देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह बजट पिछले 10 सालों में सबसे बड़ा है, जिसमें तीनों सेनाओं के लिए कुल 7.84 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसका एक हिस्सा फाइटर जेट्स और इंजनों की खरीद के लिए रखा गया है।

आत्मनिर्भरता की ओर कदम

भारत ने अपनी रक्षा उद्योग में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान और विकास पर 17,250 करोड़ रुपए खर्च करने का निर्णय लिया है। यह राशि स्वदेशी हथियार तकनीक और आधुनिक सिस्टम विकसित करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। इसके अलावा, रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे निजी कंपनियों के लिए कस्टम ड्यूटी को हटा दिया गया है, जिससे उत्पादन सस्ता होगा।

दुनिया की तुलना में स्थिति

भारत का रक्षा बजट भले ही चीन के मुकाबले पीछे है, लेकिन फिर भी पाकिस्तान के सापेक्ष इसे बढ़ावा मिला है। चीन का रक्षा बजट लगभग 247 बिलियन डॉलर है, जबकि भारत ने पिछले साल अपने रक्षा बजट में 8% की वृद्धि की है। यह क्षेत्र में भारत की सुरक्षा जरूरतों को समझने का सुझाव देता है।

नए एयरक्राफ्ट की डील

रक्षा बजट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नए एयरक्राफ्ट और इंजन पर खर्च किया जाएगा। भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट्स की डील की चर्चा चल रही है, जो भारतीय वायुसेना को और प्रभावी बनाएगी। इसमें लड़ाकू विमानों के लिए 63,733 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

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