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भारत का योग ऐसे बना ग्लोबल, पीएम मोदी ने दिलाई पहचान

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भारत का योग ऐसे बना ग्लोबल, पीएम मोदी ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
 
आज 9वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। देशभर में योग दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) पूरी दुनिया में मनाया जाता है। योग हमारे भारत की पहचान है। जो कई सदियों से भारत में किया जाता रहा है। भारत की ही पहल के बाद योग को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिला और इसे पूरी दुनिया ने इसे ना सिर्फ अपनाया है बल्कि निरंतर योग को कर लोग निरोग भी हो रहे है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को देश विदेश के लोग इसे किसी पर्व की तरह मना रहे है। योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अहम भूमिका रही है।

तो ऐसे शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day), पीएम मोदी ने की थी पहली बार पहल

साल 2014  में नरेंद्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi in USA) ने संयुक्त राष्ट्र (United Nation) की बैठक में अंतरराष्ट्रीय  योग दिवस मनाएं जाने की मांग रखी, जिससे स्वीकार किया गया और 21 जून साल 2015 को पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। जिसके बाद से हर साल 21 जून योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के नौ साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र में होंगे और 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ योग करेंगे। संयुक्त राष्ट्र में ही साल 2014 में शुरू हुआ था अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का रास्ता जब पीएम ने अमेरिका दौरे से पहले अपने अधिकारियों को ये कहा था कि योग को इंटरनेशनल ख्याति दिलानी है। इस तरह सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी की तरफ PM Narendra Modi का कदम था। आज योग दिवस न केवल भारत का प्रतीक है बल्कि दुनियाभर में भारत की कूटनीति का उदाहरण भी है।

योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के पीछे ये है पीएम मोदी की कहानी

हम आपको बता दें कि 2014 के पहले योग कभी भी विदेश नीति मामलों में प्राथमिकता नहीं रहा। पीएम मोदी ने सुझाया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day – 2023) के रूप में मनाया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने ही इस पूरी योजना का खाका तैयार किया। इस तरह तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व राजदूत अशोक मुखर्जी ने इसे अमलीजामा पहनाया। बहुत कम समय में इस पूरी योजना को पेश किया गया। दो से तीन महीनों के भीतर ही 170 से अधिक देशों को इस पहले में भागीदार बनाया गया। चीन समेत इन सभी देशों ने पीएम मोदी के प्रस्ताव पर समर्थन किया। बाद में इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में सर्वसम्मति से पारित किया गया और इस तरह 21 जून आधिकारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तरह मनाया जाने लगा।

Yoga भगाए रोग, PM Modi खुद करते है निरंतर योग

PM Modi के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का एक उद्देश्य है। पीएम मोदी ने शुरुआत से ही यह सुनिश्चित किया है कि हर साल बड़े उत्साह से योग दिवस मनाया जाए। वह इस बार खुद न्यूयॉर्क में योग दिवस की अगुवाई करेंगे। इस दिन को सेलिब्रेट करने का उद्देश्य ये है पूरी दुनिया में लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि सब फिट रहें और तंदुरुस्त रहें। नियमित योग करने से आप फिट रहते है। आपको नई ऊर्जा का एहसास होता है। योग से कई बीमारियों को दूर किया जाता सकता है। योग को करने से आप मानसिक और शारीरिक रूप से भी फिट रहते हैं। योग करने से आपका पाचन तंत्र भी सही रहता है, इससे आपकी त्वचा आपके आंतरिक अंग सब स्वास्थ्य रहते हैं। इससे आपके शरीर की मांसपेशियों में लचीलापन आता है। जिससे आप सेहतमंद रहते हैं।