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देश का पहला सोलर गांव, जहां कभी नहीं जाएगी बिजली

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देश का पहला सोलर गांव, जहां कभी नहीं जाएगी बिजली
 
प्राचीन सूर्य मंदिर के लिए प्रसिद्ध गुजरात के मेहसाणा जिले के मोढेरा गांव का नाम आज से एक और उपलब्धि जुड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार की शाम मोढेरा को भारत का पहला 24×7 सौर ऊर्जा संचालित गांव घोषित किया (Modhera Village Solar Energy)। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने सौर ऊर्जा को लेकर एक और परिभाषा गढ़ी Solar-Sure-Pure-Secure. मोढेरा में हरेक घर की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे पूरे गांव को 24 घंटे सौर पैनल से बिजली मिलेगी।

गुजरात के मेहसाणा में है मोढेरा गांव जिसे पीएम मोदी ने घोषित किया सोलर गांव

मोढेरा गांव (Modhera) मेहसाणा जिले से 25 किलोमीटर दूर स्थित मोढेरा गांव में ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर (Solar Energy CSR) प्लांट लगाया गया है। बिजली बनाने के लिए गांव के 1300 घरों की छत पर एक किलो वॉट क्षमता वाले सोलर पैनल और सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। ये सभी सोलर सिस्टम बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) से जुड़े हुए हैं। दिन के दौरान गांव और वहां स्थित घरों को सोलर पैनल से बिजली मिलेगी, जबकि शाम को भारत का पहला ग्रिड से जुड़ा मेगावॉट और स्केल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम घरों को बिजली की आपूर्ति करेगा।

सोलर से बिजली उत्पादन करने वाला भारत का पहला गांव जहां बिजली बिलों में 100 फीसदी तक की बचत कर सकेंगे

यह प्रोजेक्ट मोढेरा को सोलर पैनल से बिजली उत्पादन करने वाला भारत का पहला गांव बना देगी और इससे गांव वाले अपने बिजली बिलों में 60 से 100 फीसदी तक की बचत कर सकेंगे। हम आपको बता दें कि बिजली के सभी उपकरण मोढेरा गांव (Modhera) के लोग इस्तेमाल कर सकेंगे। ये Solar Project 6 मेगा वॉट का है जिसमें 15 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज है। मोढेरा गांव में गाड़ियों के लिए सोलर चार्जिंग स्टेशन भी बनाया गया है। मोढेरा में स्मार्ट एनर्जी मीटर लगे है और स्मार्ट एनर्जी सेंटर भी बनाया गया है।

देश के पहले सोलर गांव को पीएम मोदी ने किया घोषित

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi News) ने कहा कि पहले दुनिया मोढेरा को सूर्य मंदिर (Surya Energy in Gujarat) की वजह से जानती थी लेकिन अब मोढेरा के सूर्य मंदिर से प्रेरणा लेकर ‘मोढेरा सूर्य ग्राम’ भी बन सकता है। ये दोनों एक साथ दुनिया में पहचाने जाएंगे। भविष्य में जब भी सोलर पावर को लेकर के बात होगी तब मोढेरा का नाम सबसे पहले लिया जाएगा। अब तक ये होता था कि सरकार बिजली पैदा करती थी और जनता खरीदती थी। केंद्र सरकार ये प्रयास कर रही है कि अब लोग अपने घरों में सोलर पैनल लगाएं। किसान अपने खेतों में बिजली (Green Energy) पैदा करें। देश में सोलर पावर को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा आर्थिक मदद दी जा रही है।

सोलर एनर्जी से 2030 तक भारत को ग्रीन भारत बनाने का लक्ष्य है

हम आपको बता दें कि 2030 तक भारत को ग्रीन भारत बनाने का लक्ष्य है। रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) के माध्यम से 50 फीसदी ऊर्जा की जरूरतों की आपूर्ति करने का लक्ष्य भारत सरकार ने रखा है। सोलर एनर्जी के इस्तेमाल में ग्राहकों को 1.99 रुपये प्रति यूनिट ही खर्च करने पड़ते हैं। सोलर एनर्जी के उत्पादन में पूरे दुनिया की तुलना में भारत तीसरे स्थान पर है।