Stocks in News: FSSAI की कार्रवाई के बाद Nestlé और Zydus Wellness के शेयर करीब 4% टूटे

The CSR Journal Magazine

नेस्ले इंडिया के शेयरों में आई बड़ी गिरावट

आज गुरुवार, 21 अक्टूबर को नेस्ले इंडिया के शेयरों में लगभग 3.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। यह शेयर आज 1187.10 रुपये के स्तर पर गिर गया, जो पिछले छह महीनों का इसका सबसे निचला स्तर है। इस गिरावट का मुख्य कारण भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा जारी नोटिस है। FSSAI ने नेस्ले को उसके कुछ प्रोडक्ट्स में ‘भ्रामक दावे’ करने के संबंध में चेतावनी दी है। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

ज़ाइडस वेलनेस पर भी FSSAI का शिकंजा

वहीं, ज़ाइडस वेलनेस के शेयरों में भी 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। यह शेयर 477.10 रुपये के स्तर से नीचे आ गया, जो पिछले छह महीनों का उसका सबसे निचला स्तर है। FSSAI ने ज़ाइडस वेलनेस को भी उसके उत्पाद ‘कॉम्प्लान’ के दावों के संबंध में नोटिस जारी किया है। इससे इन दोनों कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिला है।

FSSAI का नोटिस और कंपनियों की प्रतिक्रिया

FSSAI ने नेस्ले इंडिया को उसके दो उत्पादों लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर और नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1 के दावों को लेकर नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, ज़ाइडस वेलनेस को भी उसके उत्पाद ‘कॉम्प्लान’ के दावों के संबंध में नोटिस मिला है। FSSAI ने दोनों कंपनियों से कहा है कि वे अपने विज्ञापनों के सपोर्ट में वैज्ञानिक प्रमाण पेश करें।

नेस्ले इंडिया के शेयर प्राइस का हाल

फिलहाल NSE पर नेस्ले इंडिया के शेयर 1,187.20 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। यह पिछले दिन की 1,223.90 रुपये की क्लोजिंग प्राइस से 3 प्रतिशत या 36.70 रुपये कम है। यह शेयर 1,210 रुपये पर खुला और गिरकर 1,184 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। दोपहर के कारोबार में यह शेयर निफ्टी FMCG इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाला स्टॉक रहा। उस समय निफ्टी FMCG इंडेक्स लगभग 2 प्रतिशत गिरकर 42,910 पर दिख रहा था।

ज़ाइडस वेलनेस के शेयर प्राइस का हाल

NSE पर दोपहर के कारोबार में ज़ाइडस वेलनेस के शेयर 476.20 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। यह पिछले दिन के 492 रुपये के क्लोजिंग भाव से 3.21 प्रतिशत या 15.80 रुपये नीचे है। यह शेयर आज 486.05 रुपये पर खुला और गिरकर 475.10 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। इस गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

FSSAI के दावों की गंभीरता

FSSAI ने नेस्ले इंडिया को यह बताने के लिए कहा है कि FSS एक्ट, 2006 के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर के लिए जारी नोटिस में FSSAI ने कहा है कि कंपनी ने अपनी लेबलिंग और विज्ञापन सामग्री में यह दावा किया है कि इस उत्पाद में ‘व्हे प्रोटीन’ है, जो दूध के प्रोटीन का ही एक हिस्सा है और आसानी से पच जाता है। FSSAI ने इस दावे के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण मांगें हैं।

ज़ाइडस वेलनेस के कॉम्प्लान का मामला

ज़ाइडस वेलनेस के ‘कॉम्प्लान’ के मामले में FSSAI ने कहा है कि इस प्रोडक्ट के लेबल पर दो बच्चों की तस्वीरें हैं और इसमें ‘2 गुना तेज़ विकास’, ‘एकाग्रता और याददाश्त में सहायक’ जैसे दावे किए गए हैं। ये दावे FSS (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन करते पाए गए हैं। FSSAI ने ज़ाइडस से ऐसे दावों के लिए वैज्ञानिक प्रमाण देने को कहा है।

नेस्ले इंडिया का रिएक्शन

इस बीच, नेस्ले इंडिया ने कहा है कि उसने अपने शिशु पोषण उत्पाद ‘लैक्टोजेन प्रो 1’ की लेबलिंग से जुड़े दावों को लेकर FSSAI को एक विस्तृत जवाब सौंप दिया है। कंपनी ने इस मामले पर FSSAI को अपना विस्तृत जवाब पहले ही सौंप दिया है। यह स्थिति दोनों कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

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