राजस्थान का एक मामूली वाहन चोर देखते-ही-देखते देश के बड़े ड्रग्स नेटवर्क का सरगना बन गया। एक लाख के इनामी एमडी ड्रग्स माफिया रमेश कुमार विश्नोई को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 8 साल की फरारी के बाद कोलकाता से गिरफ्तार किया है। उसकी कहानी अपराध, लालच और अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क की भयावह सच्चाई उजागर करती है।
बाइक चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर
राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना क्षेत्र के गांव नेडी नाड़ी का रहने वाला रमेश कुमार विश्नोई महज 10वीं पास है। पुलिस के अनुसार, पढ़ाई में असफल रहने के बाद वह कम उम्र में ही आवारागर्दी और छोटे अपराधों की ओर बढ़ गया। 17 साल की उम्र में उसने पहली बार बाइक चोरी की, जिसके चलते उसे बाल सुधार गृह भेजा गया।
बाहर आने के बाद रमेश ने चोरी को ही पेशा बना लिया। धीरे-धीरे वह लग्जरी वाहनों की चोरी में माहिर हो गया और जोधपुर-बाड़मेर के बड़े शराब तस्करों के लिए ऑन-डिमांड बोलेरो और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां चुराने लगा। एक वाहन के बदले उसे 50 हजार से एक लाख रुपये तक मिलते थे। यही से उसका संपर्क अंतरराज्यीय तस्करों से हुआ और अपराध का दायरा बढ़ता चला गया।

जेल में मिला ‘गुरु’, यहीं बनी ड्रग्स माफिया बनने की नींव
साल 2017 में महाराष्ट्र पुलिस ने रमेश को गिरफ्तार कर पुणे की येरवड़ा सेंट्रल जेल भेजा। यहीं उसकी मुलाकात ड्रग्स मेकर डॉक्टर बिरजू से हुई। बिरजू ने उसे एमडी ड्रग्स बनाने का फॉर्मूला, जरूरी केमिकल और सप्लाई चेन की बारीकियां सिखाईं।
जमानत पर बाहर आने के बाद रमेश ने पहले बिरजू से एमडी ड्रग्स लेकर राजस्थान में सप्लाई शुरू की। नशे की बढ़ती मांग देखकर उसने खुद फैक्ट्रियां लगाने का फैसला किया। बिरजू जेल में बैठे-बैठे उसे तकनीकी मार्गदर्शन देता रहा और बदले में तस्करी से रॉयल्टी लेता था। रमेश उसे ‘गुरु’ मानता था।
करोड़ों की कमाई, लग्जरी लाइफ और धार्मिक आस्था
पुलिस जांच में सामने आया है कि रमेश 7 दिन में एक लाख रुपये के केमिकल से करीब 9 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स तैयार करता था। पिछले ढाई साल में उसने करोड़ों की अवैध संपत्ति खड़ी कर ली। गांव में बड़ा मकान, महंगी गाड़ियां, मार्बल की खदानें, कटिंग फैक्ट्री और कार डेकोर का शोरूम उसी कमाई से बनाए गए।
फरारी के दौरान वह कोलकाता के एक लग्जरी फ्लैट में रहता था, घरेलू नौकर रखे हुए थे और हमेशा हवाई यात्रा करता था। इसी बीच वह खुद को “ईश्वर की कृपा” से सुरक्षित मानने लगा और 12 ज्योतिर्लिंग व चारधाम यात्रा तक कर डाली। पत्नी से रोज बात करता था और दावा करता था कि पुलिस उसे कभी पकड़ नहीं पाएगी।


