सर्दियों में कोहरे की वजह से ट्रेन संचालन हर साल चुनौती बन जाता है, लेकिन इस बार पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी तैयारी की है। रेलवे ने 980 GPS Based Fog Safe Devices की व्यवस्था की है, जिनके कारण अब कोहरे के दौरान भी ट्रेनें पहले से ज्यादा सुरक्षित और तेज गति से चल सकेंगी। यह कदम रेलवे की सुरक्षा नीति को और मजबूत बनाता है।
Fog Safe Device: कोहरे में ट्रेन संचालन के लिए Game Changer
कोहरा बढ़ने पर लोको पायलटों को सबसे बड़ी दिक्कत सिग्नलों की विजिबिलिटी की होती है। पहले ऐसी स्थिति में ट्रेन की अधिकतम गति 60 km/h तय थी। लेकिन अब Fog Safe Device लगने के बाद ट्रेनें 75 km/h तक चलाई जा सकेंगी। यानी ट्रेन की स्पीड में 25% का इजाफा हुआ है। यह GPS आधारित डिवाइस लोको पायलट को आने वाले सिगनल की रियल-टाइम जानकारी देता है। इससे संचालन अधिक सुरक्षित और तेज हो जाता है। कोहरे में Fog Signal Man भेजने की पुरानी प्रक्रिया अब खत्म हो गई है, क्योंकि इसकी जरूरत इस डिवाइस ने लगभग पूरी तरह समाप्त कर दी है।
लखनऊ, इज्जतनगर और वाराणसी मंडल में पूरी कवरेज
पूर्वोत्तर रेलवे ने कुल 980 Fog Safe Devices तीनों मंडलों में लगाए हैं: लखनऊ मंडल – 315 डिवाइस, इज्जतनगर मंडल – 250 डिवाइस, वाराणसी मंडल – 415 डिवाइस, सभी पैसेंजर और मालगाड़ियों में यह सिस्टम लगाया गया है, जिससे कोहरे में भी रेलवे की Operational Safety मजबूत बनी रहे।
सिग्नलों पर ल्यूमिनस स्ट्रिप और लाइन मार्किंग, लोको पायलटों को स्पेशल काउंसलिंग और ट्रेनिंग
कोहरा बढ़ने पर सिग्नल की विजिबिलिटी कम हो जाती है, इसलिए रेलवे ने सभी सिग्नल पोस्ट पर ल्यूमिनस स्ट्रिप, सिग्नल साइटिंग बोर्ड पर लाइन मार्किंग, समपार (Level Crossing) बैरियर पर ल्यूमिनस स्ट्रिप
लगा दी हैं, ताकि लोको पायलट को दूरी से ही संकेत साफ दिख सकें। कोहरे से पहले रेलवे ने सभी लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलटों को Fog Operations, Full Block & Automatic Block Working, Safety Protocols पर विस्तृत काउंसलिंग दी है। यह प्रशिक्षण Winter Train Operations को और सुरक्षित बनाता है।
पटरियों की पेट्रोलिंग और ट्रेनों का रेग्यूलेशन
कोहरे के समय गाड़ियों की गति कम होने से रेलवे लाइन की क्षमता भी प्रभावित होती है। इसलिए रेलवे ने लगातार ट्रैक पेट्रोलिंग, कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त, कुछ के फेरे कम, किए हैं, ताकि पूरी व्यवस्था सामान्य और सुरक्षित बनी रहे। North East Railway के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने दी सीएसआर जर्नल से ख़ास बातचीत में बताया कि हमारा लक्ष्य है कि कोहरे में भी ट्रेनें सुरक्षित, संरक्षित और व्यवस्थित चले। Fog Safe Device और अन्य मॉडर्न सिस्टम इसकी दिशा में बड़ा कदम हैं। इस सर्दी यात्रियों को देरी और असुविधा कम झेलनी पड़ेगी। तकनीक और सतर्कता की मदद से रेलवे ने यह साबित कर दिया है कि Winter Train Operations अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी हैं।
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