Flight Safety Concern: संसद ने माना, फ्लाइट नहीं है सुरक्षित

The CSR Journal Magazine

यात्रियों की संख्या बढ़ी, लेकिन सुरक्षा घटी

संसदीय समिति की नई रिपोर्ट में भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि यात्रियों की संख्या जहां बढ़ी है, वहीं सुरक्षा व्यवस्था में भारी चूक देखी गई है। परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय कुमार झा ने संसद में रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में नागरिक उड्डयन क्षेत्र की कार्यप्रणाली और बजट पर कई सवाल उठाए गए हैं।

Flight Safety Concern: सुरक्षा की स्थिति पर सवाल

रिपोर्ट संख्या 387 के अनुसार, महानिदेशालय नागरिक उड्डयन (DGCA) द्वारा किए गए ऑडिट में 754 विमानों में से 377 विमानों में तकनीकी खामियों का बार-बार सामना करना पड़ा। इससे सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि DGCA को संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जहां 1,630 स्वीकृत पदों में से केवल 843 भरे गए हैं।

Flight Safety Concern: भर्ती की आवश्यकता

इस स्थिति को देखते हुए समिति ने स्पष्ट कहा है कि सरकार को तत्काल समयबद्ध भर्ती और प्रतिनियुक्ति योजना बनानी चाहिए। बिना पर्याप्त स्टाफ के सुरक्षित उड़ानों की उम्मीद करना मुश्किल है। समिति ने सरकार से यह भी कहा है कि विमानन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।

क्षेत्रीय उड़ान योजना का मूल्यांकन

रिपोर्ट में क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए शुरू की गई उड़ान योजना पर भी गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। अब तक 9,200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन 150 से ज्यादा मार्ग अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। समिति ने सुझाव दिया है कि योजना का स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाए जिसमें लागत, मार्ग की व्यवहार्यता और सब्सिडी का आकलन शामिल हो।

यात्रियों के अधिकारों का अभाव

रिपोर्ट के अनुसार, देश में करोड़ों लोग हर साल हवाई यात्रा करते हैं, लेकिन यात्रियों के अधिकारों का कोई स्पष्ट कानूनी ढांचा नहीं है। समिति ने भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 के तहत एक औपचारिक यात्री अधिकार चार्टर बनाने की सिफारिश की है ताकि यात्रियों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

निर्माण में पारदर्शिता की जरूरत

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 2024-25 में अच्छा मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन समिति के अनुसार, इसका बड़ा पूंजीगत निवेश संसद की सीधी निगरानी से बाहर है। समिति ने इस पर अधिक पारदर्शिता और संसदीय निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।

महत्वपूर्ण सुधार की आवश्यकता

समिति की रिपोर्ट का परिणाम स्पष्ट है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही सुरक्षा और संस्थागत मजबूती में कमी देखी गई है। स्टाफ की कमी, सुरक्षा खामियाँ और योजनाओं के अधूरे क्रियान्वयन से यह साबित होता है कि अब सुधार का समय आ गया है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ सुरक्षा, जवाबदेही और पारदर्शिता को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

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