पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रनिंदर सिंह को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फेमा उल्लंघन मामले में तलब किया है। उन पर आरोप है कि वे विदेशी संपत्तियों और स्विस बैंक खातों के लाभार्थी हैं। इस मामले में जांच के लिए जालंधर में ED ने दोनों को पेश होने के लिए कहा है। यह मामला लंबे समय से चर्चा में है और अब ED की कार्रवाई ने एक नई हलचल पैदा कर दी है।
कैप्टन की स्वास्थ्य स्थिति
हालांकि, कैप्टन अमरिंदर सिंह 12 फरवरी को ED के समक्ष पेश नहीं हो पाएंगे। उन्हें हाल ही में मोहाली के एक निजी अस्पताल में घुटने के इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इस परिस्थिति में ED उन्हें पेश होने के लिए नई तारीख देने की संभावना पर विचार कर रही है। अमरिंदर की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में थोड़ी और देर हो सकती है।
रनिंदर सिंह की तैयारी
दूसरी ओर, रनिंदर सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी है कि वह शुक्रवार को ED के कार्यालय में पेश होंगे। उन्होंने कहा कि वे कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं और हर जांच एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करेंगे। उनके इस बयान से यह स्पष्ट है कि परिवार अदालत के समक्ष अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए तैयार है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला सितंबर 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश से संबंधित है, जिसमें कोर्ट ने अमरिंदर सिंह और उनके बेटे द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इससे पहले, उन्होंने ED को आयकर विभाग द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करने से रोकने का अनुरोध किया था। अब ED की कार्रवाई ने इस मामले को एक नया मोड़ दिया है।
सिंह परिवार पर गंभीर आरोप
सिंह परिवार पर आरोप है कि वे 2011 में फ्रांस सरकार से मिली जानकारी के अनुसार विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी हैं। इन आरोपों के चलते ED ने पिता और बेटे को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह जांच विदेशी व्यापारिक संस्थाओं के माध्यम से संपत्तियों के रखरखाव और नियंत्रण से जुड़ी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए सबकी नजरें बेताबी हैं।