ED की बड़ी कार्रवाई: पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले भ्रष्टाचार का खात्मा

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और भूमि कब्जा जैसे मामलों पर शिकंजा कस दिया है। IPAC, पार्थ चटर्जी, सोना पप्पू और राशन घोटाले जैसे कई मामलों में ED ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले कुछ हफ्तों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी, संपत्तियों को अटैच करना और समन जारी करना जैसी गतिविधियाँ देखने को मिली हैं। इन गतिविधियों में राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों और कथित अपराधियों के नाम सामने आए हैं।

IPAC केस में छापेमारी की बौछार

ED ने 2 अप्रैल 2026 को देश के कई शहरों में IPAC के दफ्तरों, डायरेक्टर्स के घरों और इससे जुड़े कंपनियों पर छापे मारे। जांच के दौरान ऐसे प्रमाण मिले हैं जो अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसी अब यह सुनिश्चित करने में लगी है कि कहीं चुनावी गतिविधियों के नाम पर अवैध फंडिंग तो नहीं हो रही थी। इस मामले में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दस्तावेज निकालने का भी मामला सामने आया है।

पार्थ चटर्जी पर ED का शिकंजा

पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी एक बार फिर ED के रडार पर हैं। 11 अप्रैल 2026 को उनका आवास और सहयोगी प्रसन्न कुमार रॉय के दफ्तर में छापेमारी की गई। ED के अनुसार, उन्हें SSC भर्ती घोटाले से संबंधित तीन बार समन भेजा गया, लेकिन वे कभी भी पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी पहले भी हो चुकी है।

सोना पप्पू: भारी मात्रा में अवैध संपत्ति

कोलकाता के कुख्यात अपराधी सोना पप्पू के खिलाफ भी ED ने बड़ी कार्रवाई की। 1 अप्रैल को उनके ठिकानों पर छापे में 1.47 करोड़ रुपये नकद, सोने-चांदी के गहने और एक रिवॉल्वर बरामद किया गया। यह पूरा नेटवर्क जमीन कब्जा, उगाही और अवैध निर्माण के जरिए काला धन बनाने का काम कर रहा था। पप्पू फिलहाल फरार है और ED के समन के बावजूद जांच में शामिल नहीं हो रहा है।

जमीन कब्जा और फर्जीवाड़ा

28 मार्च 2026 को, ED ने अमित गांगुली के ठिकानों पर छापेमारी की। आरोप है कि वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए महंगी जमीनों पर कब्जा कर लेते थे। उनके खिलाफ कई FIR पहले से दर्ज हैं और जांच में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला सामने आया है।

PDS राशन घोटाला: गरीबों का अनाज बाजार में

10 अप्रैल 2026 को, ED ने निरंजन चंद्र साहा और उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों पर छापेमारी की। आरोप है कि उन्होंने सरकारी राशन को अवैध तरीके से बेचा। जांच में 31.9 लाख रुपये नकद और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए।

Merlin Group में फर्जीवाड़ा

8 अप्रैल 2026 को ED ने Merlin Projects Limited से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की। ये आरोप है कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बड़े प्रोजेक्ट खड़े किए, जिसमें राज्य के बड़े नेताओं और अधिकारियों के साथ संबंध होने की बात भी सामने आई है।

NRI कोटा मेडिकल एडमिशन घोटाला

NRI कोटा मेडिकल एडमिशन घोटाले में कोलकाता पुलिस के अधिकारी Shantanu Sinha का नाम सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मेडिकल कॉलेजों में NRI कोटे के तहत फर्जी दाखिले कराने में अहम भूमिका निभाई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे रैकेट के जरिए मोटी रकम लेकर अपात्र छात्रों को NRI कोटे में सीट दिलाई जाती थी। इसमें फर्जी दस्तावेज तैयार करना, विदेशी नागरिकता या NRI स्टेटस दिखाना और नियमों को दरकिनार करना शामिल था।
इस मामले में कई संदिग्ध लेन-देन और दस्तावेज सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है। माना जा रहा है कि इस घोटाले में कई बिचौलियों और अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं और जल्द ही बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos