ED on Cyber Crime: साइबर क्राइम को लेकर ईडी की बड़ी कार्यवाई, 257 साइबर अपराध मामलों में 35,925 करोड़ की संपत्ति जब्त

The CSR Journal Magazine
ED on Cyber Crime: देश में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत लगभग 257 साइबर अपराध मामले सामने आए हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने लोकसभा में बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इन मामलों में कुल 35,925.58 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया है, जो कि अपराध से अर्जित की गई है। ईडी का यह कदम मनी लॉंड्रिंग के खिलाफ एक सख्त संदेश देता है। इसके अतिरिक्त, हजारों आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

सामूहिक प्रयास से बढ़ी कार्रवाई

मंत्री ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान एक विशेष प्रक्रिया के तहत किया जाता है। सरकार डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के लिए कई कदम उठा रही है। इसी दिशा में, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की गई है, जिससे सभी प्रकार के साइबर अपराधों का समन्वित तरीके से मुकाबला किया जा सके।

NCRP का महत्वपूर्ण योगदान

I4C के अंतर्गत ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ (NCRP) को पेश किया गया है, जहां आम जन हर तरह के साइबर अपराधों की रिपोर्ट कर सकते हैं। यह पहल नागरिकों को सशक्त बनाती है ताकि वे असामाजिक तत्वों के खिलाफ आवाज उठा सकें। I4C द्वारा संचालित एक प्रणाली के अनुसार, 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में से 8,690 करोड़ रुपये की वित्तीय रकम को बचाया गया है।

साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम

I4C ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर संदिग्ध अपराधियों का रजिस्टर तैयार किया है। 31 जनवरी, 2026 तक, 23.05 लाख से अधिक संदिग्ध तबादलों की पहचान की गई है। इस कार्यवाही के तहत ₹9,518.91 करोड़ के लेन-देन को बैंकों ने रद्द किया है। यह सब एक समन्वित प्रयास के माध्यम से संभव हुआ है, जिससे साइबर अपराधियों की पहचान और कार्रवाई में तेजी लाई गई है।

ED on Cyber Crime: अपराधियों की गिरफ्तारी का आंकड़ा

गृह राज्य मंत्री ने बताया कि 21,857 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, और 149,636 से अधिक अनुरोध साइबर जांच सहायता के लिए प्राप्त हुए हैं। ‘प्रतिबिंब’ मॉड्यूल, जो अपराधियों के स्थान और उनके आपराधिक नेटवर्क का नक्शा पेश करता है, कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करता है। इससे साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई में और मजबूती आई है।

साइबर धोखाधड़ी रोकने की नई तकनीक

I4C के अंतर्गत एक अत्याधुनिक साइबर धोखाधड़ी रोकथाम केंद्र बनाया गया है, जहां बैंकों, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि एक साथ मिलकर काम करते हैं। यह व्यवस्था तुरंत कार्रवाई करने और बिना किसी रुकावट के सहयोग सुनिश्चित करती है। इससे न केवल नागरिकों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत ढांचा तैयार हुआ है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos