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February 12, 2026

ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा पर ED ने संतकबीरनगर में चार ठिकानों पर छापेमारी कर जांच शुरू की है

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में ब्रिटिश मौलाना शमशुल हुदा पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है। ED की टीम ने बुधवार को मौलाना के संतकबीरनगर और आजमगढ़ स्थित घरों पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, जांच में 5.5 करोड़ रुपये के लेन-देन और 20 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। जानकारी मिली है कि मौलाना शमशुल हुदा ने यूके की नागरिकता लेने के बाद भी वेतन और पेंशन प्राप्त करते रहे।

छापेमारी का विवरण

गुरुवार की सुबह लखनऊ से ED की एक विशेष टीम संतकबीरनगर में मौलाना के चार ठिकानों पर पहुंची। इस टीम में तीन इकाई के अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने मौलाना के घर पर बच्चों और अन्य सदस्यों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। मौलाना शमशुल हुदा पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के कई आरोप हैं। उनके खिलाफ तीन एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।

ईडी की जांच की गहराई

जांच के दौरान पता चला कि शमशुल हुदा को 1984 में एक मदरसे में प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। वह 2013 में यूके की नागरिकता लेने के बाद भी 2017 तक वेतन लेते रहे। इसके बाद भी, उन्होंने 2023 तक पेंशन लेना जारी रखा। हाल ही में यह भी सामने आया है कि 2013 में नागरिकता लेने के बाद, उन्होंने कथित रूप से 2017 के विधानसभा चुनाव में मतदान किया।

आरोपों की गंभीरता

इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए, मौलाना शमशुल हुदा, उनकी पत्नी, बेटे और बहू के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। जांच एजेंसियां अब वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के दुरुपयोग और अन्य संभावित अपराधों की गहराई से जांच कर रही हैं। एविडेंस जुटाने के लिए कई क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन भी चलाए गए हैं।

फंडिंग और संपत्तियों का पता लगाने की कोशिश

वित्तीय जांच में पता चला है कि मौलाना के चार बैंक खातों में लगभग 5.5 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। ये बैंक खाते शमशुल हुदा, उनके परिवार और उनके साथ जुड़े एनजीओ रजा फाउंडेशन के नाम पर हैं। जांच एजेंसियां इन लेन-देन के स्रोत और उपयोग की पड़ताल कर रही हैं। पिछले 5 से 7 वर्षों में बनाए गए 17 संपत्तियों की भी जानकारी मिली है, जिनकी अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है।

जांच की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं

संपत्तियों के दस्तावेजों और फंडिंग स्रोत की जांच जारी है, ताकि यह पता चला सके कि इनकी खरीद में अवैध धन का उपयोग तो नहीं किया गया। ED ने संत कबीर नगर जिले में चार विभिन्न स्थानों पर सर्च ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य सबूत जुटाए हैं। यह मामला सरकारी सेवा में रहते हुए विदेशी नागरिकता प्राप्त करने और उससे जुड़े अन्य गंभीर आरोपों से संबंधित है।

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