सिर्फ सनातन धर्म के अनुयायी ही छू सकेंगे मां दुर्गा की प्रतिमाएं, सुवेंदु अधिकारी का नया फरमान

The CSR Journal Magazine

सुरक्षा और परंपरा का ध्यान

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान विसर्जन को लेकर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक नया फरमान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि हुगली नदी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को केवल सनातन धर्म का पालन करने वाले लोग ही छू सकेंगे। इस निर्णय का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने कोलकाता के बाबूघाट पर जाकर विसर्जन की तैयारियों का जायजा भी लिया। इस दौरान कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे भी उनके साथ थे।

सुरक्षा की कड़ी निगरानी

मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि विसर्जन के दौरान प्रतिमाओं को ले जाने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सांप्रदायिक मुद्दा नहीं है, बल्कि धार्मिक परंपराओं का पालन करना आवश्यक है। उनका कहना है कि दुर्गा पूजा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक धार्मिक कार्यक्रम भी है। इस प्रकार की व्यवस्था से विसर्जन की पवित्रता बनी रहेगी।

क्रेन की जगह ट्रॉली का उपयोग

सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि शिकायतों के बाद प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए क्रेन की जगह ट्रॉली का उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी तैनात किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कोलकाता नगर निगम और कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की मदद ली जाएगी। उन्होंने कहा कि 24 अक्टूबर को विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुगली नदी की सफाई की जाएगी।

टाकी में सुरक्षा के इंतजाम

उत्तर 24 परगना जिले के टाकी में इच्छामती नदी पर दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए लगभग 200 छोटी नावों में लोगों के सवार होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था पर चिंता जताई और कहा कि प्रशासन ने इस प्रथा को रोकने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखा गया। सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराने और नावों में वजन का संतुलन बनाए रखने जैसे उपाय किए गए हैं। हालांकि, छोटी डिंगी होने के कारण खतरा बना हुआ है।

भगदड़ के बाद सुरक्षा सख्त

महासप्तमी की शाम चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के कारण 19 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कोलकाता और आसपास के हावड़ा, बैरकपुर तथा चंदननगर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों में विसर्जन की निगरानी के लिए 18 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इनमें से 12 अधिकारी कोलकाता में और छह अन्य अधिकारी आसपास के तीन आयुक्तालय क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभालेंगे। सभी अधिकारी 21 से 24 अक्टूबर तक विसर्जन गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

धार्मिक परंपराओं का पालन

प्रशासन का जोर धार्मिक परंपराओं के पालन के साथ विसर्जन के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के लिए है और इसे किसी अन्य दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। इस प्रकार की व्यवस्था से न केवल धार्मिक मान्यताओं का पालन होगा, बल्कि सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

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