उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नया नियम लागू

The CSR Journal Magazine
दिवाली का त्योहार नजदीक है और मिठाई की दुकानों पर हलचल बढ़ गई है। लेकिन इस बार दुकानदारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखनी होगी। यह नियम केवल पैकेट वाली मिठाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि खुली मिठाइयों पर भी लागू होगा। अब मिठाई खरीदने वाले ग्राहकों को यह जानने का मौका मिलेगा कि मिठाई कब बनी और कब तक ताजा रहेगी।

दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ीं

दुकानदार इस नए नियम को लेकर चिंतित हैं। पहले जब ग्राहक पूछते थे कि मिठाई ताजा है या नहीं, तो दुकानदार आसानी से कह देते थे कि अभी-अभी आई है। लेकिन अब उन्हें हर ट्रे या काउंटर पर तारीख लिखनी पड़ेगी। हलवाईयों का कहना है कि त्योहारों के दौरान इतनी बिक्री होती है कि हर घंटे ट्रे भरनी पड़ती है। ऐसे में हर बार तारीख बदलकर स्टिकर लगाना मुश्किल होगा। छोटे दुकानदारों ने खाद्य विभाग से अपील की है कि उन्हें इस नियम को लागू करने के लिए थोड़ा समय दिया जाए।

नियम का पुराना इतिहास

यह नियम नया नहीं है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 2020 में इसे लागू करने का प्रयास किया था, लेकिन तब दुकानदारों ने इसका विरोध किया। खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नियम बनाया था कि खुले में रखी मिठाइयों पर तारीख लिखनी होगी, लेकिन राज्य सरकारों ने इसे लागू नहीं किया। अब, 2023 में यह नियम फिर से सामने आया है।

पब्लिक की जागरूकता का फायदा

इस नियम का एक सकारात्मक पहलू यह है कि इससे ग्राहकों को मिठाई की ताजगी के बारे में जानकारी मिलेगी। दुकानदारों का कहना है कि अगर पब्लिक को यह पता चलेगा कि मिठाई कब बनी है, तो वे खुद ही तारीख पूछने लगेंगे। इससे दुकानदारों को अपनी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

दुकानदारों का डर और आशंका

दुकानदारों का कहना है कि इस नियम के लागू होने से खाद्य विभाग के इंस्पेक्टर त्योहारों के मौसम में उन्हें परेशान कर सकते हैं। हालांकि, यह भी सच है कि पब्लिक को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलनी चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि क्या सभी दुकानदार इस नियम का पालन करेंगे? कुछ दुकानदारों का मानना है कि यह नियम केवल कागजों पर रहेगा।

खुले में मिठाई की ताजगी पर सवाल

एक और समस्या यह है कि दुकानदार को खुद तय करना होगा कि कौन सी मिठाई कितने दिन चलने वाली है। उदाहरण के लिए, दूध से बनी मिठाई 1-2 दिन में खराब हो जाती है, लेकिन अगर कोई दुकानदार इसे 7-8 दिन तक खाने लायक बताता है, तो उसे साबित करना मुश्किल होगा। इसलिए, यह नियम ग्राहकों के लिए कितनी सुरक्षा प्रदान करेगा, यह एक बड़ा सवाल है।

क्या यह नियम सफल होगा?

दुनिया के कई देशों में पैकेट वाले खाद्य पदार्थों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम है, लेकिन खुले में बिकने वाली मिठाइयों पर ऐसा नियम लागू करना एक नई चुनौती है। भारत में, जहां हर चीज ताजा बताकर बेची जाती है, ऐसे नियमों का पालन करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इस नियम के लागू होने से ग्राहकों में जागरूकता बढ़ेगी और वे खुद ही दुकानदारों से तारीख पूछने लगेंगे।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos