Pollution Alert: हापुड़ से दिल्ली तक जहरीली हुई हवा, AQI 300 पार; GRAP-1 लागू, जानें किन कामों पर लगी रोक?

The CSR Journal Magazine
दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। हापुड़ में आधी रात को AQI 306 दर्ज किया गया, जबकि दिल्ली के कई इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर 300 के पार पहुंच गया। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में GRAP-1 के तहत पाबंदियां लागू की गई हैं।

ठंड की शुरुआत के साथ बढ़ने लगा प्रदूषण

देश में गुलाबी ठंड की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। दिवाली से पहले ही कई इलाकों में धुंध दिखाई देने लगी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के हापुड़ में गुरुवार रात 12 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 306 दर्ज किया गया। वहीं, बड़ौत में गुरुवार सुबह AQI 324 तक पहुंच गया। बुलंदशहर में यह 238, चरखी दादरी में 256 और नोएडा में 281 दर्ज किया गया। ये आंकड़े संबंधित समय पर हवा की खराब स्थिति को दर्शाते हैं।

दिल्ली के कई इलाकों में AQI 300 के पार

प्रदूषण के मामले में दिल्ली की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। दी गई जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह 6:40 बजे चांदनी चौक का AQI 307, जहांगीरपुरी का 309 और विवेक विहार का 306 दर्ज किया गया। वहीं, सुबह 7 बजे दिल्ली का AQI 334 बताया गया। अलग-अलग इलाकों और समय पर दर्ज इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी में प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है।

दिल्ली में GRAP-1 के तहत पाबंदियां लागू

बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के तहत कदम उठाए गए हैं। GRAP-1 आमतौर पर AQI के 201 से 300 के बीच पहुंचने पर लागू किया जाता है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण और धूल कम करने के उपाय किए जाते हैं। होटल और रेस्तरां में कोयले तथा लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। जनरेटर के इस्तेमाल को भी निर्धारित परिस्थितियों तक सीमित किया गया है।

निर्माण कार्यों और खुले में सामग्री रखने पर रोक

GRAP-1 के तहत निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रित करने के लिए नियमों का पालन जरूरी है। निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़ी गतिविधियों पर लागू निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। बालू, गिट्टी और सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री को खुले में रखने से बचना होगा। इनकी ढुलाई ढके हुए वाहनों में करने के निर्देश भी दिए गए हैं। संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

सेहत के लिए क्यों जरूरी है सावधानी?

खराब हवा में मौजूद प्रदूषक सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर बाहर की गतिविधियां सीमित रखना और स्थानीय वायु गुणवत्ता की जानकारी लेते रहना उपयोगी है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos