app-store-logo
play-store-logo
February 27, 2026

दिल्ली शराब केस: जानिए केजरीवाल-सिसोदिया ने 4 साल बाद कैसे पाया बरी होने का रास्ता?

The CSR Journal Magazine

कोर्ट ने सबूतों को बताया असहयोगी

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। यह फैसला सुनाते हुए जज जितेंद्र सिंह ने सीबीआई द्वारा पेश किए गए सबूतों को असंगत बताया। उन्होंने कहा कि सीबीआई के पास ठोस प्रमाण नहीं थे और अधिकांश सबूत केवल बयानों पर आधारित थे। अदालत ने यह भी कहा कि यह अकल्पनीय है कि इतनी लंबी जांच के बाद भी सीबीआई ठोस सामग्री पेश नहीं कर पाई।

चार्जशीट का रहस्य

सीबीआई ने इस मामले में कुल 5 चार्जशीट दाखिल की थीं, जिसमें 1000 पन्नों के दस्तावेज शामिल थे। पहली चार्जशीट 25 नवंबर 2022 को दाखिल की गई थी। इसके बाद अप्रैल और जुलाई 2023 में पूरक चार्जशीट भी पेश की गईं। कुल मिलाकर, इस केस में 300 से ज्यादा गवाह पेश किए गए, लेकिन अदालत ने इन सबूतों को अपर्याप्त मानते हुए खारिज कर दिया।

सीबीआई के आरोपों का खंडन

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि नई शराब नीति बनाने में थोक विक्रेताओं को लाभ पहुँचाने के लिए लाभ प्रतिशत को 5 से 12 प्रतिशत बढ़ाया गया। लेकिन अदालत ने इसे स्पष्ट रूप से नकार दिया और कहा कि सीबीआई ठोस सबूत नहीं ला पाई। यही नहीं, अदालत ने कहा कि ये आरोप केवल बयानों के आधार पर लगाए गए थे।

सरकारी गवाहों की विश्वसनीयता पर सवाल

सीबीआई ने चार्जशीट में दिनेश अरोड़ा और शरतचंद्र रेड्डी जैसे आरोपियों को सरकारी गवाह बनाया। अदालत ने इसे सही नहीं माना और कहा कि आरोपित व्यक्तियों को गवाह बनाना गलत है। सीबीआई इस मामले में कोई अन्य सबूत नहीं पेश कर सकी।

रिश्वत के आरोपों में कमी

एक अन्य आरोप में कहा गया था कि मनीष सिसोदिया ने अपने पद का दुरुपयोग किया और प्राइवेट कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए राजनीतिक प्रक्रियाओं की अनदेखी की। लेकिन अदालत ने इसे भी सिरे से खारिज किया, यह कहते हुए कि सीबीआई इस संदर्भ में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई।

पैसा उठाने के तरीकों पर सवालिया निशान

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि दक्षिण समूह के जरिए 100 करोड़ रुपए की रिश्वत ली गई। हालांकि, अदालत ने कहा कि इसके लिए कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया। सीबीआई ने केवल अनुमान पर आधारित आरोप दिए, जो अदालत ने गलत माना।

संस्थाओं का नाम लेने में विफलता

अदालत ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि उसने दक्षिण समूह से जुड़े कंपनियों का नाम सही तरीके से नहीं लिया। वित्तीय लेन-देन के संबंध में स्पष्ट साक्ष्य न होने के कारण सीबीआई के सभी आरोप निराधार साबित हुए।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos