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February 24, 2026

फिजिकल रिलेशन के बाद युवक ने शादी से किया इनकार, दिल्ली हाई कोर्ट ने लिया बड़ा एक्शन

The CSR Journal Magazine
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण मामले में एक युवक को जमानत देने से इनकार कर दिया है। यह मामला IPC की धारा 376 और BNS की धारा 69 के तहत दर्ज रेप केस से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कहा कि शादी का झूठा वादा करके फिजिकल रिलेशन बनाना अपराध है। आरोपी ने कुंडली बेमेल बताकर शादी से इनकार किया, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया।

शादी का झांसा और फिजिकल रिलेशन

महिला ने शिकायत करते हुए कहा कि आरोपी के साथ उनका लंबे समय से एक रिलेशनशिप था और उसने हमेशा शादी का भरोसा दिलाया। जब वह शादी की बात आई, तो युवक ने कुंडली न मिलने का बहाना बना लिया, जिससे महिला को धोखे का अहसास हुआ। इस पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि यह व्यवहार दोनों के बीच किए गए वादों पर सवाल उठाता है।

क्या कहा कोर्ट ने?

जस्टिस शर्मा ने टिप्पणी की कि पहले दिए गए भरोसे के बावजूद, कुंडली मिलना जरूरी था। शादी से इनकार करना ऐसे मामलों में अपराध माना जाएगा, खासकर जब शारीरिक संबंध पहले स्थापित किए जा चुके हों। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का व्यवहार BNS की धारा 69 के तहत अपराध है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।

WhatsApp चैट ने खोली सच्चाई

कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की WhatsApp चैट और अन्य रिकॉर्ड यह दर्शाते हैं कि वह महिला को भरोसा दिला रहा था कि उनकी कुंडलियां मिल गई हैं। एक संदेश में, आरोपी ने लिखा कि वे जल्द शादी कर रहे हैं। महिला ने पहले शिकायत वापस ली थी जब आरोपी और उसके परिवार ने शादी का भरोसा दिया था। लेकिन बाद में उसने शादी से मना कर दिया।

सहमति का सवाल

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कुंडली मिलान जरूरी था, तो यह मामला पहले ही सुलझा लिया जाना चाहिए था। जस्टिस शर्मा ने कहा कि शादी का झूठा भरोसा देकर फिजिकल रिलेशन बनाना, सहमति को संदिग्ध बनाता है। इस आधार पर, कोर्ट ने आरोपी की बेल की याचिका को खारिज कर दिया।

मामले की गंभीरता

यह मामला न केवल व्यक्तिगत स्तर पर महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज में धोखे और नाजायज संबंधों के बारे में एक बड़ा सवाल भी उठाता है। अदालत का यह फैसला इस तरह की घटनाओं के खिलाफ एक सख्त संदेश है। ऐसे मामलों में न्याय की प्रक्रिया को सही ढंग से अमल में लाना अत्यंत आवश्यक है।

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