देश में महंगाई के दौर में जब एक वक्त का भोजन भी कई लोगों के लिए चुनौती बन जाता है, तब सरकारी सस्ती भोजन योजनाएं गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और कम आय वर्ग के लिए किसी राहत से कम नहीं हैंI केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक भूखा न सोएI अटल कैंटीन से लेकर अम्मा कैंटीन और आहार केंद्र जैसी पहलें आज लाखों लोगों का पेट भर रही हैंI
गरीबों के लिए भोजन योजनाएं बनीं संजीवनी
देशभर में ऐसी कई योजनाएं लागू हैं, जिनके तहत बेहद कम कीमत पर पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाता हैI इन योजनाओं का लाभ खास तौर पर श्रमिकों, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों, रिक्शा चालकों, झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों और अस्पतालों के आसपास मौजूद जरूरतमंदों को मिलता हैI सरकार का मानना है कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार हैI
अम्मा कैंटीन: तमिलनाडु की मिसाल
तमिलनाडु में चल रही अम्मा कैंटीन देश की सबसे चर्चित और सफल सस्ती भोजन योजनाओं में गिनी जाती हैI राज्यभर में लगभग 400 अम्मा कैंटीन संचालित हो रही हैं, जहां हर दिन हजारों गरीबों को सस्ता और पौष्टिक भोजन मिलता हैI यहां सिर्फ 1 रुपये में इडली दी जाती है, जबकि सांभर चावल और करी पत्ते चावल की प्लेट 5 रुपये में उपलब्ध हैI दही चावल मात्र 3 रुपये में मिल जाता हैI कम कीमत के बावजूद भोजन की गुणवत्ता और पोषण का पूरा ध्यान रखा जाता है, यही वजह है कि अम्मा कैंटीन गरीबों के लिए वरदान साबित हुई हैI
अटल कैंटीन: दिल्ली में नई उम्मीद
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर दिल्ली में 25 दिसंबर को 100 अटल कैंटीन शुरू की गई हैंI इन कैंटीनों में सिर्फ 5 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा हैI यह योजना खासतौर पर दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों और कम आय वाले परिवारों को ध्यान में रखकर शुरू की गई हैI प्रत्येक अटल कैंटीन में दिन में दो बार भोजन उपलब्ध होगा, जिसमें दाल-चावल, रोटी और सब्जी शामिल हैंI दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक भूखा न रहेI
मैनिफेस्टो का वादा, ज़मीन पर उतरी योजना
दिल्ली सरकार ने विधानसभा चुनाव 2025 के मैनिफेस्टो में अटल कैंटीन शुरू करने का वादा किया थाI सरकार का मानना है कि राजधानी में लाखों लोग ऐसे हैं, जिन्हें आर्थिक तंगी के कारण कई बार बिना भोजन के रहना पड़ता हैI इसी सोच के तहत DUSIP की ज़मीनों और अन्य सरकारी स्थलों पर कैंटीनों का निर्माण किया गया हैI मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अटल कैंटीन दिल्ली की आत्मा बनेगी और यह अटल बिहारी वाजपेयी के गरीबों के प्रति प्रेम और संवेदना को समर्पित हैI
किन इलाकों में खुलीं कैंटीनें
शाहदरा, रोहताश नगर, गोंडा और गांधी नगर विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो अटल कैंटीन खोली गई हैंI सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इनकी संख्या और बढ़ाई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक यह सुविधा पहुंच सकेI
आहार केंद्र: ओडिशा की पहल
ओडिशा में चल रही ‘आहार’ योजना भी सस्ती भोजन व्यवस्था का अहम उदाहरण हैI राज्य में 167 आहार केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अधिकतर अस्पतालों के पास स्थित हैंI यहां लंच और डिनर बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराया जाता है, जिससे मरीजों के परिजनों और गरीबों को बड़ी राहत मिलती हैI
रोजाना एक लाख थालियों का लक्ष्य
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि अटल कैंटीन के जरिए रोजाना लगभग एक लाख लोगों को सस्ता, स्वच्छ और गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएI हर कैंटीन में सुबह और शाम 500-500 थालियां परोसी जाएंगीI सरकार और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यह योजना न केवल भूख से लड़ने में मदद करेगी, बल्कि सामाजिक समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर भी देगीI
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