प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ। सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट और भागीरथ प्लेस जैसे बड़े बाजारों में दुकानें बंद रहीं या कामकाज बेहद कम हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में रोजाना खरीदारी के लिए बाहर से करीब तीन से चार लाख लोग आते हैं। प्रदर्शन के चलते सुरक्षा संबंधी चिंताओं और यातायात बाधित होने की आशंका के कारण कई लोग दिल्ली नहीं पहुंचे। वहीं, स्थानीय लोग भी जाम और आवाजाही में परेशानी की आशंका के चलते खरीदारी के लिए घरों से कम निकले।
पेट्रोल पंपों से होटल-रेस्तरां तक असर
प्रदर्शन के कारण पैदा हुई परिस्थितियों का असर बाजारों तक ही सीमित नहीं रहा। होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर और सैलून जैसे व्यवसायों में भी बुकिंग रद्द होने की बात सामने आई। पेट्रोल पंपों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका जताई गई। कई इलाकों में कड़ी पुलिस सुरक्षा और यातायात संबंधी पाबंदियों के कारण लोगों की आवाजाही मुश्किल रही। रिपोर्ट में प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने का भी उल्लेख किया गया है, जिससे सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने एहतियातन बंद रखा बाजार
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा के अनुसार, एसोसिएशन ने खुद ही बाजार बंद रखने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि खान मार्केट उन इलाकों में शामिल है, जहां प्रदर्शनकारियों को रोके जाने की स्थिति में बाजार प्रभावित हो सकता है। ऐसे में दुकानों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते एहतियाती कदम उठाया गया। मेहरा ने कहा कि खान मार्केट, कनॉट प्लेस और साउथ एक्सटेंशन जैसे महंगे व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानें बंद रहने के बावजूद कारोबारियों को किराया, कर्मचारियों के वेतन और दूसरे नियमित खर्च उठाने पड़ते हैं।
एक दिन दुकान बंद रहने से 1 से 1.5 लाख रुपये तक नुकसान का अनुमान
संजीव मेहरा के मुताबिक, खान मार्केट जैसे बाजारों में एक दिन दुकान बंद रहने से प्रति दुकान करीब एक से डेढ़ लाख रुपये तक का नुकसान हो सकता है। जल्दी खराब होने वाली फल और किराने जैसी वस्तुओं के कारोबार में नुकसान और बढ़ सकता है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के व्यवधान से न केवल दुकानदारों की बिक्री प्रभावित होती है, बल्कि कर्मचारियों, आपूर्तिकर्ताओं और बाजार से जुड़े अन्य कारोबारियों पर भी इसका असर पड़ता है।
व्यापारिक इलाकों से दूर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे विरोध-प्रदर्शन के तरीकों पर पुनर्विचार करें। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में इनके कारण कारोबार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। दिल्ली के प्रमुख बाजारों में शनिवार को दिखे सन्नाटे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान विरोध के अधिकार और व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य बनाए रखने के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए।
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