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February 22, 2026

राजस्थान में कबूतरों की खतरनाक तस्करी: कबूतर दौड़ से लाखों की कमाई

The CSR Journal Magazine
राजस्थान की मकराना में कबूतरों की तस्करी और दौड़ का खेल जोरों पर है। हाल के दिनों में यहां कबूतरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाने की घटनाएं सामने आई हैं। पहले वीडियो में कबूतर जाल में फंसा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरे वीडियो में मकराना में हुए कबूतरबाजी टूर्नामेंट की झलक मिलती है।

खतरनाक प्रतियोगिता का खुलासा

जयपुर की विधायकपुरी थाना पुलिस ने हाल में 42 कबूतरों के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया, जो दौड़ और फाइट के लिए कबूतर खरीदकर लाए थे। तस्करी के लिए कबूतरों के पंख काट दिए जाते हैं, जिससे वे उड़ नहीं सकें। भास्कर की टीम ने मकराना में पड़ताल की, जहां 500 से ज्यादा कबूतरबाज सक्रिय हैं।

कबूतरों की कीमत और तस्करी के तरीके

कबूतरों की कीमत 1 से 30 हजार रुपए तक होती है। यूपी और एमपी से कबूतर लाने का खेल सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहा है। कबूतरों को गत्तों के डिब्बों में भरकर बस और ट्रेन के माध्यम से तस्करी की जाती है। लापरवाही के कारण कभी-कभी ये कबूतर तस्करों के जाल में फंस जाते हैं।

एक खतरनाक खेल के पीछे की सच्चाई

कबूतरों को साल भर तक ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें काटे गए पंखों के कारण उड़ने नहीं दिया जाता है, जिससे उनकी पुरानी लोकेशन मेमोरी मिटाई जा सके। कबूतरबाज कहते हैं कि एक प्रशिक्षित कबूतर कभी भी अपनी छत नहीं छोड़ता है। उन्हें ताकतवर बनाने के लिए कई दवाएं दी जाती हैं।

कबूतर दौड़ का आकर्षण

मकराना में कबूतर दौड़ की प्रतियोगिताएं अक्सर होती हैं, जिसमें एक लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक के नकद इनाम रखे जाते हैं। ये प्रतियोगिताएं स्थानीय स्तर पर आयोजित की जाती हैं और बिना किसी कानूनी रोक-टोक के चलती हैं। एंट्री फीस 1500 से 21 हजार रुपए तक होती है।

कबूतरों की पहचान और जीतने का तरीका

प्रतियोगिता में कबूतर उड़ाकर उन्हें उनके घर लौटने का इंतजार किया जाता है। कबूतरों के पैरों में टैग बंधा होता है, जिससे उनकी पहचान की जाती है। कबूतर लौटते ही जज उनका समय नोट करते हैं। प्रतियोगिता में जो कबूतर सबसे अधिक समय उड़ता है, उसे विजेता घोषित किया जाता है।

क्रूरता की आवाजें

पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कबूतरों के साथ क्रूरता करना अवैध है। बर्ड एक्सपर्ट इस समस्या की गंभीरता को समझते हैं और इसकी निंदा करते हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने इस मामले में किसी ठोस कार्रवाई की बात कही है।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

डीडवाना कुचामन के एडिशनल एसपी ने कहा है कि यदि जानकारी मिले तो वे जांच करेंगे। लेकिन यह सवाल उठता है कि कब तक तस्करी और कबूतरबाजी का यह खेल चलता रहेगा।

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