श्री ओ.पी. जिंदल ने 30 साल पहले जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) की स्थापना कर भारत में खनन और औद्योगिकीकरण की नींव रखी। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि JSPL फ़ाउंडेशन की सीएसआर (CSR) पहल के माध्यम से JSPL समाज की बेहतरी के लिए काम करे। भारत में कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (Corporate Social Responsibility) पर अपने शुद्ध मुनाफ़े का 2 फीसदी खर्च करने के कानून की अनिवार्यता के पहले जेएसपीएल फ़ाउंडेशन, सीएसआर पहल के माध्यम से सामाजिक विकास पर खर्च करता रहा है। चूंकि भारत में CSR कंपनी अधिनियम 2013 के अनुसार अनिवार्य है, तो आईये जानतें हैं The CSR Journal अपनी #LetsTalkCSR सीरीज़ में जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) की CSR पहलों को।
JSPL फ़ाउंडेशन हेल्थकेयर एंड न्यूट्रीशन, स्किल डेवलपमेंट एंड एजुकेशन, सैनिटेशन एंड हाइजीन, वुमेन एम्पावरमेंट, आर्ट एंड कल्चर और स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के क्षेत्र में काम करता है। JSPL अपने प्लांट्स और ऑफिसेस के आसपास समुदाय के साथ साझेदारी में काम करता है। JSPL की सीएसआर पहल ने 10 लाख से अधिक लोगों के जीवन को छुआ है और एक दूरदर्शी भारत के निर्माण पर काम करना जारी रखा है।
पिछले तीन वर्षों में नुकसान को देखते हुए, JSPL कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 के अनुसार कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) पर खर्च करने के लिए बाध्य नहीं है। हालांकि, कंपनी ने स्वैच्छिक रूप से चल रही सीएसआर पहल के लिए खर्च कर रही है। JSPL के लिए CSR इसकी व्यावसायिक रणनीति का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसमें शेयरधारकों के वेल्थ को अधिकतम करने के लिए एक संगठन बनाना और सभी हितधारकों के साथ उत्पादक और स्थायी संबंध स्थापित करना शामिल है।
