CNG और PNG नेटवर्क को मिलेगी रफ्तार, प्रदूषण की NOC मिलेगी अब 15 दिन में

The CSR Journal Magazine
अब रसोई गैस (PNG) और गाड़ियों के लिए सीएनजी (CNG) का नेटवर्क तेजी से बढ़ेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) से जुड़ी परियोजनाओं के लिए प्रदूषण विभाग की मंजूरी देने की समयसीमा को 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया है। इससे गैस पाइपलाइन बिछाने और गैस सप्लाई का ढांचा तैयार करने वाली कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह कदम स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और एलपीजी की आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं को कम करने के लिए उठाया गया है।

प्रदूषण नियंत्रण में तेजी लाने की योजना

सीपीसीबी के मेंबर सेक्रेटरी प्रसून गर्गव ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रदूषण नियंत्रण समितियों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजनाओं से जुड़े आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करना होगा। इसमें स्थापना के लिए सहमति (CTE) और संचालन के लिए सहमति (CTO) से जुड़े आवेदन शामिल हैं। यह निर्देश प्रदूषण नियंत्रण कानून की धारा 18(1)(b) के तहत जारी किया गया है।

LPG पर निर्भरता घटाने की कोशिश

घरेलू रसोई में पीएनजी का इस्तेमाल बढ़ने से एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़ने से स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलेगा। सीपीसीबी ने फरवरी 2025 में तेल और गैस की परिवहन पाइपलाइनों को ग्रीन श्रेणी में रखा था, जिससे इन परियोजनाओं के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाया गया था।

स्वच्छ ईंधन का बढ़ता उपयोग, गैस नेटवर्क के विस्तार को मिलेगी रफ्तार

सीएनजी और पीएनजी के नेटवर्क के विस्तार से स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ेगा, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी। यह कदम न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगा। सरकार का यह प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करें, जिससे देश में ऊर्जा की जरूरतें भी पूरी हों। मंजूरी की समयसीमा घटने से गैस वितरण कंपनियों को पाइपलाइन बिछाने और नए इलाकों तक कनेक्शन पहुंचाने में मदद मिलेगी। हालांकि, परियोजनाओं को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। इस कदम से शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाने को गति मिलने की उम्मीद है।

गैस वितरण कंपनियों की तैयारी

गैस वितरण कंपनियों ने इस नए फैसले का स्वागत किया है। कंपनियों का मानना है कि इससे उन्हें अपने प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। नई मंजूरी प्रक्रिया से उन्हें न केवल समय की बचत होगी, बल्कि लागत में भी कमी आएगी। इससे ग्राहकों को जल्दी से गैस कनेक्शन मिल सकेंगे। CPCB ने इस दिशा में कई अन्य योजनाएँ भी बनाई हैं। आने वाले समय में, गैस वितरण कंपनियों को और भी सुविधाएँ दी जाएँगी, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों तक स्वच्छ ईंधन पहुंचा सकें। यह न केवल ऊर्जा की उपलब्धता को बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद करेगा।

समाज पर सकारात्मक प्रभाव

इस कदम से समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्वच्छ ईंधन के उपयोग से लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा। इसके अलावा, यह कदम भारत को ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानता है। आने वाले समय में, यदि यह प्रक्रिया सही दिशा में बढ़ती है, तो भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।

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