बबुआ को समझाओ, लोकतंत्र में बदला नहीं लेते, जनता बदलाव करती है: सीएम योगी आदित्यनाथ

The CSR Journal Magazine

सीएम योगी का विपक्ष पर तीखा हमला: ‘बबुआ को समझाइए, लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है’

गोरखपुर में आयोजित भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ जनसभा और पदयात्रा के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव के ‘लाठी और जख्मों का बदला’ वाले बयान पर सीधा पलटवार करते हुए सीएम योगी ने कहा, “सपा के बबुआ को कोई समझाइए, लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है”। उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने, चुनावों में हार का बहाना ढूंढने और तुष्टिकरण की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।

गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली में मुख्यमंत्री का सपा-कांग्रेस गठबंधन पर चौतरफा हमला

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने गृह जनपद गोरखपुर में विपक्षी दलों के गठबंधन पर बेहद आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा और विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सीधे निशाने पर लिया। मंच से जनता की भारी हुंकार के बीच सीएम योगी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट किया कि भारतीय लोकतंत्र अराजकता से नहीं, बल्कि जनता के जनादेश से चलता है।

बबुआ को समझाएं, लोकतंत्र बदले की भावना से नहीं चलता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण का सबसे मुख्य बिंदु समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर किया गया सीधा हमला था। हाल ही में दिल्ली में अखिलेश यादव द्वारा दिए गए एक बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अगली पीढ़ी हर लाठी और हर जख्म का बदला लेगी’, पर तीखा ऐतराज जताते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें ‘बबुआ’ कहकर संबोधित किया। सीएम योगी ने गरजते हुए कहा, “मैंने दिल्ली में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष का एक बेहद विचित्र और अजीब बयान देखा। वे कह रहे हैं कि उनकी अगली पीढ़ी हर लाठी और जख्म का बदला लेगी। मैं कहना चाहता हूँ कि कोई समाजवादी पार्टी के इस ‘बबुआ’ को थोड़ा समझाए कि लोकतंत्र में ‘बदला’ नहीं लिया जाता, यहाँ जनता ‘बदलाव’ करती है।” मुख्यमंत्री ने जनता को याद दिलाते हुए कहा कि यह बदलाव की ताकत ही थी, जिसके बल पर देश की जनता ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और फिर उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में वंशवादी और अराजक ताकतों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही सर्वोपरि है और वही तय करती है कि देश और प्रदेश की कमान किसके हाथों में सुरक्षित रहेगी।

घुसपैठियों के नाम हटाने पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों?

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देश की सुरक्षा और मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर कांग्रेस और विपक्षी ब्लॉक (इंडी गठबंधन) को बुरी तरह घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी देश के भीतर सुरक्षा और पारदर्शिता से जुड़े कड़े कदम उठाए जाते हैं, विपक्ष को तकलीफ होने लगती है। मुख्यमंत्री ने तीखे सवाल पूछते हुए कहा, “जब कांग्रेस के शासनकाल में मतदाता सूची का पुनरीक्षण होता था, तब वे इसका पूरा समर्थन करते थे। लेकिन आज जब प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने के लिए मृत लोगों के नाम और अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी व पाकिस्तानी घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो कांग्रेस और उनके सहयोगियों को इस पर इतनी आपत्ति क्यों हो रही है?” उन्होंने कहा कि विदेशी घुसपैठियों का समर्थन करना और देश के वैध नागरिकों के अधिकारों पर डाका डालने वाली ताकतों के साथ खड़े होना विपक्ष की तुष्टिकरण की नीति का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस कृत्य के लिए कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

‘हार’ भी पूछती होगी कि अब अगला बहाना क्या बनाओगे?

संवैधानिक संस्थाओं, न्यायपालिका और चुनाव आयोग पर विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले सवालों पर भी मुख्यमंत्री ने जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विशेष रूप से कांग्रेस की यह आदत बन चुकी है कि जब वे चुनाव जीतते हैं तो अपनी पीठ थपथपाते हैं, लेकिन जैसे ही जनता उन्हें नकार देती है, वे अपनी पराजय का ठीकरा ईवीएम (EVM) और चुनाव आयोग के सिर पर फोड़ देते हैं।
हंसते हुए मुख्यमंत्री ने चुटकी ली, “कांग्रेस और विपक्ष इतनी बार चुनाव हार चुके हैं और हर बार नए-नए बहाने बनाते हैं कि अब तो खुद ‘हार’ भी उनसे पूछती होगी कि भाई, इस बार हारने के बाद अगला नया बहाना क्या बनाओगे?” उन्होंने आगे कहा कि यदि अदालतें योग्यता के आधार पर कोई फैसला सुनाती हैं, तो ये दल अदालतों को कठघरे में खड़ा करने और उन्हें धमकाने की कोशिश करते हैं। संवैधानिक संस्थाओं को गाली देना, उनके खिलाफ माहौल बनाना और देश में अव्यवस्था फैलाना विपक्ष का पुराना चरित्र रहा है।

यूपी में पहले कट्टा बनता था, आज ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है

गोरखपुर के विकास और प्रदेश की बदलती कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों और भाजपा सरकार के बीच के अंतर को साफ तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने पुरानी सरकारों के कार्यकाल को गुंडागर्दी और दंगों का दौर बताया।
सीएम योगी ने कहा, “एक समय था जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और विपक्ष के संरक्षण में जगह-जगह अवैध ‘कट्टे’ (देशी तमंचे) और बम बनाए जाते थे, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थी। जमीनों पर कब्जे होते थे और व्यापारी असुरक्षित महसूस करते थे। लेकिन आज भाजपा की डबल इंजन सरकार के तहत उसी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश की रक्षा के लिए ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ का निर्माण हो रहा है।”
उन्होंने गर्व से बताया कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग 200 एकड़ जमीन मुफ्त उपलब्ध कराई है, ताकि भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

माफिया और उपद्रवियों को राज्य में कोई जगह नहीं

कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश की धरती पर अब किसी भी अपराधी या माफिया को सिर उठाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो लोग प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ सरकार अत्यंत कठोरता से निपटेगी। रैली में मौजूद भारी भीड़ और विशेष रूप से महिलाओं व युवाओं की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में भयमुक्त माहौल बनाना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

गोरखपुर जनसभा के सियासी मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोरखपुर की यह जनसभा उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने ‘बबुआ’ और ‘अराजकता’ जैसे शब्दों का प्रयोग कर सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी को घेरने की कोशिश की है, जो हाल के दिनों में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही थी। इसके अलावा, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाने के मुद्दे को उठाकर भाजपा ने राष्ट्रवाद और देश की सुरक्षा के नैरेटिव को एक बार फिर धार दे दी है। गोरखपुर की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब और मुस्लिम समुदाय सहित समाज के विभिन्न वर्गों की हिस्सेदारी यह दर्शाती है कि सीएम योगी विकास और सुरक्षा के अपने एजेंडे पर पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न केवल विपक्ष के ‘बदले वाले नैरेटिव’ को ‘जनता के बदलाव’ से काटकर ध्वस्त कर दिया, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक गरिमा के मुद्दे पर कांग्रेस और सपा को पूरी तरह रक्षात्मक होने पर मजबूर कर दिया है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos