Census 2027 Live-in Partner: लिव-इन में रहने वाले कपल को जनगणना में माना जाएगा शादीशुदा

The CSR Journal Magazine
Census 2027 Live-in Partner: जनगणना 2027 के लिए तैयारियां लगातार चल रही हैं। इस बार लिव-इन में रह रहे कपलों को शादीशुदा जोड़ा माना जाएगा, बशर्ते वे अपने रिश्ते को स्थिर समझते हों। जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार का दस्तावेजी सबूत देने की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों को सिर्फ परिवार के लोगों द्वारा दी गई जानकारी पर ही भरोसा करना होगा।

क्या है स्थिर रिश्ते की परिभाषा?

आधिकारिक FAQ के अनुसार, यदि कपल अपने रिश्ते को स्थिर मानता है, तो उन्हें शादीशुदा का दर्जा दिया जाएगा। यह कदम लोगों को आत्म-सम्मान के साथ अपनी स्थिति को साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा। पिछले जनगणना में भी अविवाहित कपल को इसी प्रकार से दर्ज किया गया था।

Census 2027 Live-in Partner: हाउसलिस्टिंग की प्रक्रिया

जनगणना का हाउसलिस्टिंग चरण 1 अप्रैल से शुरू होगा और सितंबर के अंत तक चलेगा। इस प्रक्रिया में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें एक सवाल यह भी होगा कि घर में कितने शादीशुदा लोग रहते हैं। पहले 15 दिन में लोग खुद अपनी जानकारी भरेंगे और इसके बाद अधिकारियों द्वारा जानकारी एकत्र की जाएगी।

किसी सबूत की आवश्यकता नहीं

जनगणना के नियम के अनुसार, लोगों को जवाब देने के लिए किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। लोग अपने विश्वास के आधार पर जवाब देंगे। अधिकारी सिर्फ वही जानकारी मानेंगे जो परिवार के सदस्य देंगे।

Census 2027 Live-in Partner: सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया

दिल्ली में सेल्फ-एन्यूमरेशन 1 अप्रैल से शुरू होगा। यह प्रक्रिया एक विशेष वेब पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जिससे लोग अपनी जानकारी आसानी से भर सकेंगे। यह सुविधा 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। घर के मुखिया या जिम्मेदार सदस्य को OTP-आधारित वेरिफिकेशन करना होगा।

इंफॉर्मेशन अपडेट करने के तरीके

रिस्पॉंडेंट्स को अपने घर की सही जानकारी डालने के लिए ड्रॉपडाउन मेनू से जिला और PIN CODE का चयन करना होगा। सही जानकारी देने पर जियोटैगिंग-आधारित मैप खुल जाएगा, जिसमें सही जगह मार्क करनी होगी। गलत जानकारी देने से गिनती का डेटा संग्रहण प्रभावित हो सकता है।

फार्म भरने की प्रक्रिया

फार्म को भरने में 15-20 मिनट से ज़्यादा समय नहीं लगेगा। भरने वालों को विकल्प चुनने में मदद करने के लिए टिप्स भी दिए जाएंगे। एक बार फॉर्म सबमिट होने के बाद, बदलाव केवल जनगणना अधिकारी ही कर सकेंगे।

सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड डेटा स्टोरेज

सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल केवल भारतीय भूभाग पर ही काम करेगा। सारा डेटा सुरक्षित सरकारी सर्वर पर एन्क्रिप्टेड रूप में स्टोर किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सूचनाओं की गोपनीयता बनी रहे। जनगणना से जुड़ी तैयारियों के बीच यह नई प्रक्रिया लोगों के लिए अधिक सटीक जानकारी देने का एक माध्यम बन सकती है।

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