बजट का दिन बेहद ही ख़ास होता है, इसी दिन हमारे देश की सरकार ये तक करती है कि आम जनमानस का जेब कटेगा या जेब भरेगा, जनता भी सरकार से उम्मीदें लगाए बैठी रहती है और जब बजट का पिटारा खुलता है तब क्या खोया क्या पाया पता चलता है, देश की मौजूदा हालात की बात करें तो मोदी सरकार चौतरफा वैश्विक, राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा चुनौतियों से गुजर रही हो ऐसे में वित्त मंत्री के भाषण पर सबकी निगाहें टिकी हुई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश की, यह बजट इसलिये भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि आज पूरा विश्व आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। वित्त मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि भारत को सफलता पूर्वक न सिर्फ आर्थिक मंदी की चपेट में आने से रोकना बल्कि देश का भरोसा भी जीतना था।
सत्ता हासिल करने के लिए सरकारें कई बार लुभावने वादे तो कर देती है लेकिन उसका लिटमस टेस्ट बजट में ही दिखता है। बजट आने के बाद ही किसी सरकार को गरीब हितेषी या गरीब विरोधी, मध्यम वर्गों को खुश करने में नाकाम या सफल, साथ ही उद्योग जगतों को कितनी राहत मिली या नहीं यह तमाम मुद्दों से ही किसी भी सरकार की असल परीक्षा होती है। तो आईये जान लेतें है कि इस बार बजट 2020 में क्या खास रहा और जनता कितनी खुश हुई और कितनी परेशान। वो भी 20-20 अंदाज में –