बीजेपी ने मिशन 2027 के लिए बनाई नई रणनीति, हर जिले से होगा प्रतिनिधित्व
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में बीजेपी जुट चुकी है। पार्टी ने सरकार में बैलेंस बनाने का प्लान तैयार किया है। इसके तहत, जिन जिलों का अभी तक कोई प्रतिनिधित्व नहीं है, वहां के नेताओं को दर्जा प्राप्त मंत्री का पद देने की योजना बनाई गई है। साथ ही, जिन जिलों में मंत्रियों की संख्या अधिक है, वहां से कुछ सीटें कम करके संतुलन बिठाया जाएगा।
हर जिले से प्रतिनिधित्व
पार्टी का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके लिए सरकार में क्षेत्रीय संतुलन बनाने और हर जिले से मंत्री बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
-
सीटों का श्रेणीकरण (ABCDE प्लान): बीजेपी ने सीटों को उनकी पिछली हार-जीत के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है ताकि विशेष ध्यान दिया जा सके:
-
कैटेगरी A: वे सीटें जहाँ पार्टी 2022 में दूसरे स्थान पर रही।
-
कैटेगरी B: वे सीटें जहाँ बीजेपी तीसरे स्थान पर थी।
-
कैटेगरी C: विपक्षी गढ़ जैसे मैनपुरी, रायबरेली और आजमगढ़ की सीटें, जहाँ विशेष केंद्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
-
कैटेगरी D: मुस्लिम बहुल सीटें या वे सीटें जहाँ पार्टी उपचुनाव में जीती लेकिन 2022 में हार गई थी।
-
-
संगठनात्मक बदलाव और नियुक्तियाँ: पार्टी ने हाल ही में 11 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है, जिसमें जातीय संतुलन (ब्राह्मण, ओबीसी, दलित आदि) का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही, कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए निगमों और बोर्डों में राजनीतिक नियुक्तियां की जा रही हैं।
-
जातीय और सामाजिक समीकरण: विपक्ष के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुकाबला करने के लिए बीजेपी गैर-यादव ओबीसी और दलित मतदाताओं को साधने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

