Ayodhya के दीपोत्सव में 5 देशों की रामलीला, 12 मंचों पर दिखेगी झलक, 2500 कलाकार करेंगे प्रदर्शन

The CSR Journal Magazine
अयोध्या में दीप जलने वाले हैं, और इस बार रामकथा का मंचन केवल भारत तक सीमित नहीं रहेगा। यहां के दीपोत्सव में दुनिया के विभिन्न देशों के कलाकार भगवान राम की कहानी को अपने अनोखे अंदाज में पेश करेंगे। इस बार का आयोजन एक नई दिशा में बढ़ रहा है, जहां रामलीला के रंग में विदेशी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

दुनिया भर के कलाकारों की भागीदारी

इस बार अयोध्या में दीपोत्सव में दक्षिण अफ्रीका से दो टीमें भाग लेने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड के कलाकार भी रामलीला की प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किए गए हैं। फिलीपींस और रूस के कलाकारों को भी बुलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन उनकी भागीदारी अभी तय नहीं हुई है।
राम की कहानी एक है, लेकिन उसे सुनाने और मंच पर दिखाने के तरीके अलग-अलग हैं। विभिन्न देशों में रामायण के अपने-अपने संस्करण और मंचन की परंपराएं हैं। थाईलैंड में इसे ‘रामाकियन’ के नाम से जाना जाता है, जहां की पारंपरिक खोन नृत्य-नाट्य शैली में रामकथा के प्रसंग प्रस्तुत किए जाते हैं। नेपाल में भी रामायण की गहरी सांस्कृतिक परंपरा है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम

श्रीलंका, लाओस और दक्षिण अफ्रीका में भी रामकथा से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलती हैं। ऐसे में अयोध्या के मंच पर इन देशों के कलाकारों की प्रस्तुति दर्शकों को एक ही कहानी के अलग-अलग सांस्कृतिक रूप देखने का मौका देगी। उनके पहनावे, संगीत, नृत्य और अभिनय में उनके देश की परंपराओं की झलक होगी।

12 मंचों पर 2500 कलाकारों का जलवा

इस बार दीपोत्सव के लिए कुल 12 मंच तैयार किए गए हैं, जहां भारत और विदेश के करीब 2500 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें छह छोटे, चार मध्यम आकार के और दो बड़े मंच होंगे। इस तरह से कार्यक्रम को विभिन्न स्थानों पर बांटकर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक कलाकारों को मौका मिल सके और दर्शक भी अलग-अलग कार्यक्रम का आनंद ले सकें।

अयोध्या का दीपोत्सव: एक भव्य आयोजन

अयोध्या में दीपोत्सव हर साल बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है। इस आयोजन में दीप जलाने के साथ-साथ रामकथा और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण होते हैं। इस बार पांच देशों के कलाकारों को जोड़ने की तैयारी है, जिससे आयोजन को और भी भव्यता मिलेगी।

सांस्कृतिक समागम की तैयारी

अयोध्या का यह दीपोत्सव न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक समागम का भी प्रतीक होगा। यहां के कलाकारों के साथ-साथ विदेशी कलाकारों की भागीदारी से यह आयोजन एक अंतरराष्ट्रीय रंग में रंग जाएगा। दर्शकों को इस बार एक नई और अनोखी अनुभव की उम्मीद है, जो उन्हें रामकथा के विभिन्न रूपों से परिचित कराएगी।

दर्शकों के लिए अनोखा अनुभव

इस बार के दीपोत्सव में दर्शकों को न केवल रामकथा का मंचन देखने को मिलेगा, बल्कि विभिन्न देशों की संस्कृति और परंपराओं का भी अनुभव होगा। यह आयोजन अयोध्या को एक नई पहचान देने के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos