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February 24, 2026

आसाराम ने गुजरात में भक्तों से मुलाकात की, मीडिया से मुंह छुपाया

The CSR Journal Magazine

घर-घर जाकर साधकों से मिले आसाराम

दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम ने मंगलवार को गुजरात के वलसाड में अपने अनुयायियों से सीधे संपर्क करने की कोशिश की। उन्होंने विभिन्न इलाकों में जाकर साधकों से मुलाकात की, जहाँ पर भक्तों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से आमना-सामना करने में समर्थकों ने बाधा डालने की कोशिश की, कुछ लोगों ने मीडियाकर्मियों का मोबाइल फोन भी छीनने का प्रयास किया। घटना के दौरान आसाराम का चेहरा छिपा हुआ देखने को मिला, जिससे स्पष्ट होता है कि उन्होंने मीडिया से बचने की कोशिश की।

अपने अनुयायियों से मिलकर आजादी का जश्न मनाया

आसाराम ने सरदार हाइट्स, पालीहिल, प्रमुख पार्क और रामजी मंदिर के पास जैसे इलाके में अपने भक्तों से मुलाकात की। ज़बरदस्त स्वागत के चलते झूमते भक्तों ने ढोल-नगाड़े बजाए और हाथों में दीपक लिए खड़े रहे। यह उनका पहला दौरा था जब वह जेल से बाहर आए थे। इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें 6 महीने की जमानत दी थी, जिससे उनकी रिहाई संभव हुई।

गुजरात हाईकोर्ट से मिली जमानत

आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट के बाद अब गुजरात हाईकोर्ट ने भी जमानत दे दी है। उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर राहत मिली है जिसके तहत उनकी सजा को 6 महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। उनके वकील ने कोर्ट में बताया कि आसाराम पिछले 13 साल से जेल में हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति काफी गंभीर है। अदालत ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जमानत प्रदान की।

पॉक्सो एक्ट के तहत हुई सजा

आसाराम को 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की विशेष कोर्ट ने नाबालिग के साथ dushkarm के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उनके खिलाफ अन्य गंभीर आरोप भी थे। इससे पहले, वह 2013 में इंदौर के आश्रम से गिरफ्तार किए गए थे। सितंबर 2021 में, गुजरात में भी उन पर एक महिला द्वारा रेप के मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी। यह मामला भी अब कोर्ट के समक्ष है।

सूरत में भक्तों ने किया भव्य स्वागत

आसाराम के हाल ही में सूरत पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। भक्तों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत करते हुए हाथों में दीपक लेकर आसाराम के दर्शन की कोशिश की। यह दृश्य यह दिखा रहा था कि उनके समर्थकों में कितनी उत्साह और श्रद्धा है। उनका उत्तरदायित्व अब यह है कि वह अपने भक्तों के बीच वापस आकर उन सभी को धैर्य और आशा प्रदान करें।

मीडिया को रोकने के प्रयासों पर सवाल

हालांकि, आसाराम के समर्थकों द्वारा मीडिया को कार्यक्रम कवर करने से रोकने की कोशिश की गई। इसके पीछे का कारण हालांकि स्पष्ट नहीं है। प्रशासन और पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। भक्तों की ऊर्जा और समर्थन यह दिखाते हैं कि आसाराम के प्रति उनकी श्रद्धा कितनी गहरी है, लेकिन उनके खिलाफ मामले और जमानत के आदेश हमेशा चर्चा में रहेंगे।

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