फाजिल्का सेक्टर के किसान अमृतपाल की जल्द रिहाई की खबर सामने आ रही है। सरहदी गांव खैरेके उताड़ का किसान अमृतपाल 21 जून, 2025 को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था।
किसान के पिता जगराज सिंह के अनुसार, अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। वहां उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में लेकर कंगनपुर के अस्पताल में दाखिल कराया था।
बीते दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी अंबेसी बुधवार को क्लीयर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के केस की अंबेसी शुक्रवार को क्लीयर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है।
एक महीने की जेल, 50 हजार जुर्माने की सजा
पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को अदालत में पेश किया था। पाक की अदालत ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। पाकिस्तानी वकील सुहैल अंसारी अमृतपाल का केस नि:शुल्क लड़ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में किसान से जेल में मुलाकात कर उनका एक 15 सेकेंड का वीडियो परिवार को भेजा था, जिसमें अमृतपाल ने खुद के बिल्कुल ठीक होने की बात कही थी। अमृतपाल की सजा की अवधि और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब उसकी रिहाई और वतन वापसी का रास्ता साफ होता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद किसी भी समय उसे बीएसएफ के हवाले किया जा सकता है, जिससे उसके परिवार का लंबा इंतजार खत्म होगा।
कोट लखपत जेल में बंद है
अमृतपाल पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही भारतीय सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन निरंतर पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में थे। फ्लैग मीटिंग और कूटनीतिक बातचीत के जरिए उसकी रिहाई के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। रिहाई की खबर मिलते ही फाजिल्का सेक्टर में सुरक्षा और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
परिजनों में खुशी की लहर
अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली है और उनके स्वागत की भव्य तैयारी शुरू कर दी है। जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी अंबेसी क्लीयर हो चुकी है और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार 20 मिनट बात करने की इजाजत होती है।