दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक कंपनी अमेज़न एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अगले हफ्ते यानी 27 जनवरी के आसपास अपने कॉरपोरेट कर्मचारियों पर गाज गिरा सकती है। अनुमान है कि इस चरण में करीब 16,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है, जो पहले से घोषित 30,000 नौकरियों में कटौती की योजना का हिस्सा होगी। अगर यह आंकड़ा पूरा होता है, तो यह अमेज़न के करीब 30 साल के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी मानी जाएगी।
अक्टूबर में हो चुका है पहला बड़ा चरण
इससे पहले अक्टूबर में अमेज़न ने करीब 14,000 व्हाइट-कॉलर कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। यह कुल कटौती लक्ष्य का लगभग आधा हिस्सा था। अब दूसरा चरण शुरू होने वाला है, जिससे कर्मचारियों के बीच चिंता और अनिश्चितता का माहौल है। खास बात यह है कि पिछली छंटनी में निकाले गए कर्मचारियों को 90 दिनों तक पेरोल पर रखा गया था, ताकि वे कंपनी के भीतर दूसरी भूमिका तलाश सकें या बाहर नई नौकरी ढूंढ सकें। यह अवधि अब खत्म हो रही है, जिसके बाद नई छंटनी की घोषणा की आशंका तेज हो गई है।
किन टीमों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
सूत्रों और कर्मचारियों के मुताबिक, इस बार भी उच्च वेतन वाली कॉरपोरेट भूमिकाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं।
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पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी (PXT) यानी ह्यूमन रिसोर्स टीम पर सबसे बड़ा खतरा बताया जा रहा है।
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Amazon Web Services (AWS) में सपोर्ट, प्रोग्राम मैनेजमेंट और कुछ प्रशासनिक पदों में कटौती संभव है।
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इसके अलावा रिटेल बिजनेस और प्राइम वीडियो से जुड़ी टीमें भी छंटनी की जद में आ सकती हैं।

