एआई की दस्तक से हिल रहा भारत का आईटी सेक्टर नौकरियों, कमाई और मॉडल पर बड़ा संकट

The CSR Journal Magazine
भारत का आईटी सेक्टर, जिसने पिछले तीन दशकों में लाखों नौकरियां दीं और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी, अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। शेयर बाजार में गिरावट, भर्ती में सुस्ती और बिजनेस मॉडल में बदलाव जैसे संकेत इस इंडस्ट्री के सामने नई चुनौतियों और अवसरों दोनों की ओर इशारा कर रहे हैं।

आईटी शेयरों में गिरावट से बढ़ी चिंता

भारत की शीर्ष आईटी कंपनियों के शेयरों में हाल के हफ्तों में भारी गिरावट देखी गई है। निफ्टी आईटी इंडेक्स इस साल करीब 20% तक गिर चुका है। निवेशकों को यह डर सता रहा है कि एआई पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडल को कमजोर कर सकता है, जिस पर यह 300 अरब डॉलर की इंडस्ट्री टिकी है।

एआई से एंट्री-लेवल नौकरियों पर खतरा

टेक एक्सपर्ट्स और कई सीईओ का मानना है कि 2030 तक एआई एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर नौकरियों के लगभग 50% हिस्से को प्रभावित कर सकता है। ऑटोमेशन टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से डेटा प्रोसेसिंग, कंप्लायंस और बेसिक कोडिंग जैसे काम तेजी से मशीनों द्वारा किए जा रहे हैं।

बदल रहा है आईटी कंपनियों का बिजनेस मॉडल

अब तक आईटी कंपनियां क्लाइंट्स के लिए सॉफ्टवेयर मैनेजमेंट, मेंटेनेंस और सपोर्ट के बदले नियमित फीस कमाती थीं। लेकिन एआई के आने से यह मॉडल बदलकर कंसल्टिंग और एडवाइजरी आधारित हो सकता है। इससे नियमित आय में कमी और प्रोजेक्ट-आधारित काम में बढ़ोतरी की संभावना है।

खतरे के बीच नए अवसर भी

हालांकि एआई से खतरे की बात हो रही है, लेकिन कई विशेषज्ञ इसे अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। एआई इंजीनियर, डेटा एनोटेटर और मशीन लर्निंग विशेषज्ञ जैसी नई भूमिकाओं में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा हो सकती हैं। अनुमान है कि जहां 9 करोड़ नौकरियां प्रभावित होंगी, वहीं 17 करोड़ नई नौकरियां भी बन सकती हैं।

वैश्विक चुनौतियां और धीमी ग्रोथ

आईटी सेक्टर को केवल एआई ही नहीं, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों से भी चुनौती मिल रही है। अमेरिका में वीज़ा प्रतिबंध और बढ़ती लागत कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित कर रहे हैं। 2025-26 में इंडस्ट्री की ग्रोथ करीब 6% रहने का अनुमान है, जो पहले की तुलना में काफी धीमी है, वहीं भर्ती वृद्धि भी सीमित रहने की संभावना है।
भारत का आईटी सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर में है, जहां एआई एक तरफ पारंपरिक नौकरियों के लिए खतरा बन रहा है, वहीं दूसरी ओर नए अवसरों के दरवाजे भी खोल रहा है। आने वाले वर्षों में यह तय करेगा कि कंपनियां इस तकनीकी बदलाव को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से अपनाती हैं।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos