चीन की DF-61 परमाणु मिसाइल ने चौंकाया, 14 महीने में 15,000 KM की रेंज वाली मिसाइल ट्रेनिंग तक कैसे पहुंची?

The CSR Journal Magazine

चीन की नई मिसाइल ने बढ़ाई चिंता

बीजिंग: चीन अपनी परमाणु मिसाइल शक्तियों को लगातार बढ़ा रहा है। हाल ही में खबर आई है कि चीन ने DF-61 इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) को अपने लड़ाकू बेड़े में शामिल कर लिया है। इस कदम ने पेंटागन की चिंता बढ़ा दी है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स (PLARF) ने इस नई रोड-मोबाइल मिसाइल को आधिकारिक रूप से रूटीन ट्रेनिंग में शामिल कर लिया है। यह मिसाइल सॉलिड फ्यूल टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसका मतलब है कि इसे लॉन्च करने के लिए बस बटन दबाना होगा।

14 महीने में इतनी तेजी से कैसे?

हैरानी की बात यह है कि DF-61 मिसाइल को पहली बार सितंबर 2025 में एक मिलिट्री परेड के दौरान पेश किया गया था। केवल 14 महीने में इसे ट्रेनिंग में शामिल करना सवाल उठाता है कि क्या चीन ने इस मिसाइल को लेकर दुनिया से झूठ बोला है? आमतौर पर किसी भी परमाणु मिसाइल को सार्वजनिक किए जाने और उसकी फील्ड ट्रेनिंग तक पहुंचने में कई वर्षों का समय लगता है।

विशेषज्ञों की राय

चीनी सैन्य मामलों के जानकार शाओ योंगलिंग ने कहा है कि 14 महीने का टाइमलाइन यह संकेत नहीं देता कि इस प्रोग्राम की शुरुआत हाल ही में हुई है। इसका मतलब यह है कि चीन ने इस मिसाइल को दुनिया के सामने पेश करने से पहले ही इसे विकसित कर लिया होगा। उन्होंने बताया कि चीन ऐसे मिसाइलों के बारे में सभी जानकारियां गुप्त रखता है और हर टेस्ट के बाद ही उसे सार्वजनिक करता है।

DF-61 की तकनीकी विशेषताएं

DF-61 मिसाइल की रेंज 12,000 से 15,000 किलोमीटर के बीच है, जिसका मतलब है कि अमेरिका इसकी रेंज में आता है। यह ठोस ईंधन प्रोपल्शन पर आधारित है, जिससे इसे तुरंत लॉन्च किया जा सकता है। इसे 16 पहिए वाले ट्रांसपोर्टर-इरेक्टर-लॉन्चर (TEL) वाहन से आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।

सुरक्षा के लिहाज से खतरा

यह मिसाइल जंगल, पहाड़ों या सड़कों पर छिपाकर रखी जा सकती है, जिससे इसे कहीं से भी लॉन्च करना संभव है। DF-61 मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल्स (MIRV) क्षमता से भी लैस है, जिसका मतलब है कि एक ही मिसाइल से कई ठिकानों पर हमला किया जा सकता है। यही कारण है कि यह मिसाइल काफी घातक मानी जा रही है।

अमेरिका को धोखा देने की कोशिश

चीन के पास DF-41 नाम की एक और परमाणु मिसाइल है, जो DF-61 के समान दिखती है। दोनों मिसाइलों की बनावट और डिजाइन काफी हद तक एक जैसी हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि चीन ने अमेरिका की खुफिया एजेंसियों और सैटेलाइट्स को धोखा देने के लिए DF-61 का डिजाइन DF-41 जैसा रखा है।

संघर्ष के समय की चुनौतियां

ऐसे समय में जब संघर्ष हो, अमेरिकी सैटेलाइट्स यह पहचानने में असमर्थ हो सकते हैं कि गाड़ी में असली DF-41 मिसाइल है या नई DF-61। यह स्थिति अमेरिका के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकती है। चीन की यह रणनीति उसके सैन्य विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है।

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