दिल्ली में जलभराव रोकने की तैयारी तेज, 30 जून तक गाद निकालने का अल्टीमेटम

The CSR Journal Magazine
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जलभराव रोकने के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें सभी विभागों को 30 जून तक नालों से गाद निकालने की सख्त हिदायत दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आवश्यक है कि सभी नालों की सफाई समय से की जाए। आधुनिक मशीनों की मदद से और दीर्घकालिक उपायों के साथ दिल्ली को मानसून के समय जलभराव से मुक्त रखना होगा। बैठक में सक्रिय निगरानी और ठोस कार्ययोजना पर जोर दिया गया।

जलभराव की समस्या का प्रभावी समाधान

सीएम ने जलभराव वाले स्थलों पर विशेष व्यवस्थाओं के निर्देश दिए और सभी संबंधित विभागों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग एक साथ मिलकर काम करें, तो जलभराव की समस्या को बेहतर तरीके से निपटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि जल निकासी के लिए पंपों का उपयोग कम से कम होना चाहिए।

नालों से गाद निकालने का लक्ष्य

बैठक में गाद निकालने के कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि मॉनसून से पहले (30 जून तक) गाद निकालकर उसे चिह्नित स्थानों पर पहुंचाना होगा। इससे बारिश का पानी नालों में ही बह सकेगा और सड़कों पर जलभराव नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने सफाई पर भी ध्यान देने को कहा, ताकि कूड़ा नालियों के मुहानों को बंद न कर सके।

मिंटो रोड से मिली प्रेरणा

पिछले वर्ष मिंटो रोड पर जलभराव नहीं होने की बात पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि निरंतर निगरानी के चलते यह संभव हो सका। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई और कहा कि समस्या के समाधान में किसी भी विभाग की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव से निपटने के लिए यदि आधुनिक मशीनों की आवश्यकता हो, तो उन्हें तुरंत खरीदा जाए। एमसीडी और एनडीएमसी ने ऐसी मशीनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को इसपर अमल करना होगा और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कार्यकारी निरीक्षण की आवश्यकताएँ

सीएम ने कहा कि बारिश के दौरान अधिकारी अपने इंजीनियरों और स्टाफ से संपर्क में रहें। वह स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण करेंगी ताकि वस्तुस्थिति की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि पंपों की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि इनकी खराबी जलभराव की एक बड़ी वजह बन सकती है।

दीर्घकालिक योजनाओं की अहमियत

जलभराव के प्रभावी समाधान के लिए वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से दीर्घकालिक योजना बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्थायी समाधानों की बजाय स्थायी सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, ताकि दिल्लीवासियों को मॉनसून के दौरान समस्याओं का सामना न करना पड़े। सरकार का उद्देश्य है कि बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए ताकि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सके।

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