भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे: भारत में 14 साल तक के 45 हजार भिखारी, राजस्थान दूसरे नंबर पर

The CSR Journal Magazine
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, भारत में 14 साल से कम उम्र के लगभग 45,296 बच्चे भिक्षावृत्ति में शामिल हैं। उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे आगे है, जहां 10,000 बच्चे भीख मांगते हुए पाए गए। राजस्थान दूसरे स्थान पर है, जहां यह संख्या 7,000 से अधिक है। यह जानकारी 2011 की जनगणना के आधार पर एक सरकारी उत्तर में दी गई।

रजिस्टार की वेबसाइट पर आधारित आंकड़े

राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि ये आंकड़े भारत के महारजिस्ट्रार की वेबसाइट की जानकारी पर आधारित हैं। हाल के आंकड़ों में ये स्पष्ट हुआ है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों की भिक्षावृत्ति की समस्या गंभीर है। सरकार इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए विभिन्न योजनाएँ चला रही है।

पुनर्वास के उपायों की शुरुआत

23 अक्टूबर, 2023 को भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के पुनर्वास की योजना शुरू की गई थी। अब तक 2,653 बच्चों का पुनर्वास किया गया है। इनमें 1,507 बच्चों को उनके परिवारों से मिलवाया गया, जबकि 305 बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ा गया है। इसके अलावा, 206 बच्चों को बाल कल्याण समिति के पास भेजा गया है और 625 बच्चों को स्कूलों में नामांकन कराया गया है।

भिक्षावृत्ति की समस्या के समाधान पर ध्यान

सरकार का कहना है कि भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के व्यापक पुनर्वास के लिए विशेष योजनाएँ पहले से चल रही हैं। इसमें बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है और नए कानून या योजनाओं की आवश्यकता नहीं है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्चे सुरक्षित हों और उन्हें उचित शिक्षा और देखभाल मिले।

केंद्रशासित प्रदेशों में भिक्षावृत्ति का हाल

एक रिपोर्ट के अनुसार, दादरा-नगर हवेली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में एक भी बच्चा भिक्षावृत्ति में शामिल नहीं पाया गया। वहीं, लक्ष्यद्वीप और सिक्किम में केवल एक-एक बच्चे, मिजोरम में छह, दमन और दीव में आठ और पुदुचेरी में नौ बच्चे भिक्षावृत्ति में लिप्त पाए गए हैं।

भिक्षावृत्ति के प्रति जागरूकता की आवश्यकता

यह आंकड़े हमें इस बात का एहसास करवाते हैं कि भिक्षावृत्ति की समस्या को सुलझाने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। बच्चों को सुरक्षित और खुशहाल जीवन देने के लिए समाज, सरकार और गैर सरकारी संगठनों को मिलकर काम करना पड़ेगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos