रत्न भंडार की प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में बुधवार को 48 साल बाद रत्न भंडार के गहनों की गिनती शुरू कर दी गई। यह प्रक्रिया भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के कीमती आभूषणों का खजाना है। मंदिर प्रशासन ने बताया कि यह काम दोपहर 12:09 से 1:45 बजे के बीच तय शुभ मुहूर्त पर शुरू हुआ। इस प्रक्रिया में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया गया और मंदिर की रोजाना पूजा पर कोई असर नहीं पड़ेगा। श्रद्धालुओं को बाहर से दर्शन करने की अनुमति है, लेकिन अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है।
विशेषज्ञों की टीम कर रही है निगरानी
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति ने नियम बनाकर पहले दिन इस्तेमाल होने वाले गहनों की गिनती शुरू की, इसके बाद रत्न भंडार के बाहरी कक्ष और फिर अंदरूनी कक्ष को खोलने की योजना बनाई गई है। पिछली बार 1978 में गिनती हुई थी, जब 454 सोने की वस्तुएं, 293 चांदी की वस्तुएं और कई माणिक दर्ज किए गए थे। इस बार अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक की मदद से यह प्रक्रिया जल्दी पूरी की जाएगी।
वैज्ञानिक तरीके से हो रही गिनती
इसे सुनिश्चित करने के लिए दो जेमोलॉजिस्ट भी मौजूद हैं, जो पहचान में मदद कर रहे हैं। इस बार हर वस्तु की डिजिटल फोटो ली जा रही है। सोने के गहनों को पीले कपड़े में, चांदी के सामान को सफेद कपड़े में और अन्य आभूषणों को लाल कपड़े में लपेटकर छह खास बक्सों में रखा जाएगा। इस दौरान मंदिर के सेवक, सरकारी बैंक के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ और भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूची बनाने और गणना (Ganati-Manati) की प्रक्रिया 48 साल बाद 25 मार्च 2026 को शुरू हुई है। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।
उपयोग की जा रही तकनीक और मशीनें
इस बार की गणना में पुरानी पद्धतियों के साथ-साथ डिजिटल और वैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। प्रत्येक आभूषण का एक स्थायी डिजिटल और स्थानिक रिकॉर्ड बनाने के लिए 3D मैपिंग की जा रही है। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी की जा रही है। रत्नों और धातुओं को तौलने के लिए विशेष मशीनें मंगवाई गई हैं जो मिलीग्राम से 15 किलोग्राम तक का सटीक वजन बता सकती हैं। सोने, चांदी और हीरों की शुद्धता और पहचान सुनिश्चित करने के लिए वैज्ञानिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। वस्तुओं को व्यवस्थित रखने के लिए सोने के आभूषणों को पीले मखमल में, चांदी को सफेद/चांदी के मखमल में और अन्य कीमती वस्तुओं को लाल मखमल में लपेटकर स्टील के बक्सों में सुरक्षित किया जा रहा है। सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रखा गया है।
खजाने में क्या-क्या है?
हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी वस्तुओं का मूल्य निर्धारण नहीं किया जा रहा है, लेकिन 1978 की पुरानी सूची के अनुसार मुख्य भंडार में ये चीजें शामिल हैं:
सोना: लगभग 128.38 किलोग्राम वजन के 454 सोने के लेख।
चांदी: लगभग 221.53 किलोग्राम वजन के 293 चांदी के लेख।
कीमती रत्न: भगवान के मुकुट, हार और अन्य आभूषणों में जड़े हुए बेशकीमती हीरे, नीलम, पन्ना और रूबी (माणिक)।
कक्ष: भंडार के दो हिस्से हैं, बाहरी भंडार (Bahar Bhandar), जिसका उपयोग त्योहारों के दौरान किया जाता है, और भीतर भंडार (Bhitar Bhandar), जिसमें भगवान के मुख्य और प्राचीन आभूषण रखे जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए RBI के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ (Gemologists) और अनुभवी सुनारों की एक टीम मौजूद है।
चाभियों की सुरक्षा और प्रक्रिया की निगरानी
रत्न भंडार की पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की जाएगी। खजाने का ताला खोलने के लिए रोज चाबी लाने का काम मजिस्ट्रेट करेंगे और उसी दिन गहनों की गिनती भी करेंगे। राज्य सरकार ने इसके लिए एसओपी जारी की है। इस प्रक्रिया की तीन सदस्यीय पैनल निगरानी करेगा।
खजाने का रहस्य और हाईकोर्ट का आदेश
2018 में ओडिशा हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि रत्न भंडार खोला जाए, लेकिन 4 अप्रैल 2018 को जब टीम गहनों के चेंबर तक पहुंची, तो पता चला कि चाबी खो गई है। इस पर हंगामा हुआ और जांच कमेटी बनाई गई। 2018 में मुझे पता चला था कि रत्न भंडार में हजारों भरी सोने के जेवर मौजूद हैं। लेकिन चाबी का अब तक कोई पता नहीं चला है।
आने वाले समय में रत्न भंडार का महत्व
पिछले साल अगस्त में मंदिर प्रबंध समिति ने सुझाव दिया था कि रत्न भंडार 2024 की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान खोला जाए, जिससे भक्तों के लिए यह एक नया आकर्षण बनेगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से साधारण लोगों के लिए भी यह खजाना एक बार फिर से प्रकट होगा।
अगले चरण में खजाना निकालने की चुनौती
जुलाई 2024 में जगन्नाथ मंदिर के भीतर खजाना निकालने का काम किया जा सकता है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक हाई कमेटी का गठन किया था। टीम को भारी अलमारियों और संदूकों के साथ ख
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
In a significant development, the legal case initiated by actress Blake Lively against her co-star and director Justin Baldoni has been largely dismissed by...
During an Easter lunch at the White House, US President Donald Trump attracted considerable attention with comments that appeared to equate him with Jesus...
Anticipation surrounds the film Ramayana, with Ranbir Kapoor taking on the role of Lord Ram, a part first played by his great-grandfather, Prithviraj Kapoor,...