धार्मिक नगरी वाराणसी में इस वर्ष भारतीय नववर्ष नवसंवत्सर 2083 और वासंतिक नवरात्र के पहले दिन एक नए धार्मिक आयोजन की शुरुआत होने जा रही है। 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की ओर से गंगा द्वार के सामने स्थित ललिता घाट पर मां गंगा की भव्य आरती प्रारंभ की जाएगी। मंदिर प्रशासन ने इस आयोजन के लिए विशेष तैयारियां की हैं और इसे नियमित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
सात मंचों से एक साथ होगी मां गंगा की आरती
ललिता घाट पर होने वाली गंगा आरती को भव्य रूप देने के लिए घाट पर सात मंच तैयार किए गए हैं। इन मंचों पर सात अर्चक एक साथ वैदिक विधि-विधान के साथ मां गंगा की आरती करेंगे। आरती के दौरान धूप, दीप, नैवेद्य, पुष्प और दीप कुलिका अर्पित किए जाएंगे तथा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न होगी। इस सामूहिक आरती से घाट का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाएगा।
प्रतिदिन शाम छह बजे होगा आयोजन
मंदिर प्रशासन के अनुसार गंगा आरती का आयोजन प्रतिदिन शाम छह बजे किया जाएगा। श्रद्धालु और पर्यटक घाट पर पहुंचकर इस दिव्य आरती का दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन ने बताया कि आरती के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी, ताकि सभी लोग शांतिपूर्वक इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो सकें।
अन्य घाटों पर भीड़ कम करने की भी योजना
वाराणसी के कई घाटों पर गंगा आरती देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में ललिता घाट पर आरती शुरू होने से अन्य घाटों पर बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। मंदिर प्रशासन को उम्मीद है कि यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए एक नया आकर्षण बनेगी और काशी में आने वाले भक्तों को मां गंगा की आरती का एक और भव्य स्थल मिलेगा।