उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पर्यावरण संरक्षण (Environment Protection) और प्रदूषण नियंत्रण (Pollution Control) के मामले में राज्य देश को दिशा दिखा रहा है। Vehicle Scrapping Policy के तहत यूपी देश का नंबर वन राज्य बन गया है। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH Dashboard) के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में कुल 94,094 वाहनों की स्क्रैपिंग की जा चुकी है। यह आंकड़ा देश में स्क्रैप किए गए कुल वाहनों का करीब 42 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ यूपी ने हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने से न केवल हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि सड़कों पर सुरक्षित और कम उत्सर्जन वाले नए वाहनों को भी बढ़ावा मिला है।
यूपी में सबसे ज्यादा आरवीएसएफ केंद्र
देश में Registered Vehicle Scrapping Facility (RVSF) के मामले में भी उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में अब तक करीब 3.94 लाख वाहन स्क्रैप किए जा चुके हैं, जिनमें लगभग 1.65 लाख सरकारी और 2.29 लाख निजी व व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रदूषण मुक्ति मुहिम के तहत यूपी में अब तक 84 आरवीएसएफ केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 45 केंद्र पूरी तरह संचालित हो रहे हैं। यह संख्या देश में सबसे अधिक है। आरवीएसएफ केंद्रों की रेस में हरियाणा दूसरे, जबकि राजस्थान और गुजरात उसके बाद के स्थान पर हैं। इन केंद्रों में वाहनों को Environment- Friendly Process के जरिए स्क्रैप किया जाता है, जिससे खतरनाक कचरे का सही निस्तारण होता है और रिसाइक्लिंग को भी बढ़ावा मिलता है।
पर्यावरण के साथ सड़क सुरक्षा को भी फायदा
पुराने वाहनों की वजह से होने वाले Air Pollution और सड़क दुर्घटनाओं में भी इस नीति से कमी आई है। केंद्र सरकार की Old Vehicle Scrappage Policy फिलहाल देश के 21 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, लेकिन यूपी में इसका असर सबसे ज्यादा दिख रहा है। यूपी परिवहन विभाग खुद स्क्रैपिंग की निगरानी और संचालन कर रहा है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति से आने वाले समय में Green Mobility, Road Safety और Sustainable Development को और मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, वाहन स्क्रैपिंग के जरिए उत्तर प्रदेश ने साफ कर दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।
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