मुंबई की बीएमसी अस्पताल वीएन देसाई में महिलाओं और लड़कियों पर बढ़ती डिजिटल हिंसा (Digital Violence against Women) के खिलाफ एक प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का नेतृत्व Dr. Komal Chavan, Vice President, FOGSI ने किया, जिसमें महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. ललिता मायदेव और डॉ राजेंद्र सकपाल, President, MOGS शामिल हुए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों और अस्पताल स्टाफ के लिए ट्रेनिंग सेशन, आम लोगों के लिए जागरूकता और इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा डिजिटल हिंसा पर एक प्रभावशाली स्किट किया गया। सड़क पर निकाली गई रैली में Stop Digital Abuse और Online Safety for Women जैसे प्रभावी संदेशों ने लोगों का ध्यान खींचा।
डिजिटल हिंसा पर रोक—समुदाय को किया जागरूक
कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. कोमल चव्हाण ने डिजिटल हिंसा की गंभीरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो ऑनलाइन शुरू होता है, वो वहीं नहीं रुकता। डिजिटल हिंसा असल जिंदगी में डर और चुप्पी को बढ़ाती है। हमें मिलकर इसे खत्म करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि युवाओं और समुदाय को डिजिटल हिंसा के संकेत पहचानने और समय रहते रिपोर्ट करने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है। महिलाओं को हमेशा यह महसूस होना चाहिए कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है, वे कभी अकेली नहीं हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए एकजुट हुआ समुदाय
इस कार्यक्रम ने डॉक्टरों, संस्थाओं, शिक्षकों, छात्रों और आम नागरिकों को एक ही मंच पर लाकर महिलाओं की ऑनलाइन और ऑफलाइन सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया। उद्देश्य स्पष्ट था कि महिलाओं और लड़कियों को एक ऐसा डिजिटल वातावरण देना जहां वे बिना डर, बिना हिंसा और बिना दबाव के आगे बढ़ सकें। मुंबई में आयोजित यह अभियान साबित करता है कि जब समुदाय एकजुट होता है, तो बदलाव सिर्फ संभव नहीं बल्कि तेज और प्रभावी होता है।
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