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January 9, 2026

10 मिनट में डिलीवरी के चक्कर में Zepto बॉय चलती बस के नीचे आया, सिर कुचला और थम गईं सांसें; CCTV में कैद

The CSR Journal Magazine
हैदराबाद के मेहंदीपट्टनम इलाके में सोमवार रात एक भीषण सड़क हादसे में 25 वर्षीय डिलीवरी पार्टनर अभिषेक की जान चली गई। वह Zepto प्लेटफॉर्म के लिए डिलीवरी का काम करता था और हादसे के समय अपनी ड्यूटी पर था। पुलिस और स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह हादसा तेज़ डिलीवरी और सड़क पर सुरक्षा की कमी का एक दुखद उदाहरण है।

कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार, शेखपेट का रहने वाला अभिषेक मेहंदीपट्टनम की मुख्य सड़क पर बाइक चला रहा था। इसी दौरान गणेश ट्रेवल्स की एक निजी बस ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अभिषेक बस के नीचे आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तुरंत शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। फुटेज में हादसे की भयावहता और बड़े वाहनों की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है।

पुलिस की जांच और सुरक्षा अपील

मेहंदीपट्टनम पुलिस ने बस के ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गिग वर्कर्स से अपील की है कि वे हमेशा हेलमेट पहनें और सड़क पर सुरक्षा का ध्यान रखें। शुरुआती रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि अभिषेक अपने ऑर्डर को समय पर डिलीवर करने की जल्दबाज़ी में था, जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया।

यूनियन का गुस्सा और कंपनियों पर आरोप

इस दुखद घटना के बाद तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने प्लेटफॉर्म कंपनियों के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। यूनियन के संस्थापक अध्यक्ष शेख सलाउद्दीन ने कहा, “10 मिनट डिलीवरी हमेशा समय पर शुरू होती है, लेकिन जब कोई वर्कर सड़क पर मरता है, तो कंपनियां मुआवजा देने में देर क्यों करती हैं? वर्कर इंसान हैं, एल्गोरिद्म नहीं।”

यूनियन की मांगें

यूनियन ने कंपनियों और सरकार से कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखीं:
  • अभिषेक के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
  • सभी गिग वर्कर्स के लिए दुर्घटना बीमा अनिवार्य किया जाए।
  • खतरनाक “10 मिनट डिलीवरी” जैसे टारगेट हटा दिए जाएं।
  • Workmen’s Compensation Act के तहत सभी गिग वर्कर्स को सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए।
यूनियन ने इस घटना को केवल एक व्यक्तिगत हादसा नहीं बल्कि पूरे गिग इकोनॉमी की एक गंभीर समस्या बताया।

परिवार और समाज पर असर

अभिषेक बीबीए के अंतिम वर्ष के छात्र थे और परिवार का खर्च उठाने के लिए डिलीवरी का काम करते थे। उनकी मौत ने न सिर्फ परिवार को तोड़ा बल्कि पूरे गिग वर्कर समुदाय में भारी आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है। यूनियन ने राज्य के श्रम मंत्री को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

आगे क्या होगा?

अभिषेक का पोस्टमार्टम उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल में हुआ और शव परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस अब बाइक की स्पीड, बस की स्थिति और हादसे की सटीक परिस्थितियों की जांच कर रही है। वहीं गिग वर्कर्स और यूनियनों की मांग है कि भविष्य में इस तरह के खतरनाक डिलीवरी टारगेट हटाए जाएं और सभी डिलीवरी पार्टनर्स को सुरक्षा के उचित उपाय मिलें।
हैदराबाद की इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या तेज़ डिलीवरी के नाम पर इंसानी जान की कीमत कम हो गई है। 25 वर्षीय अभिषेक की मौत ने गिग वर्कर्स की सुरक्षा और कंपनियों की जिम्मेदारियों को एक गंभीर मुद्दा बना दिया है।
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