Sleeper Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग से 9 मौतें, यात्री ने बताया आंखों देखा हाल

The CSR Journal Magazine
यमुना एक्सप्रेसवे के पास चलती स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के मामले में एक यात्री ने हादसे की पूरी कहानी बताई है। बस में सवार सुनील कुमार के मुताबिक, आग लगने से पहले ही यात्रियों को धुआं और बदबू महसूस होने लगी थी। कुछ लोगों ने ड्राइवर को इसकी जानकारी देते हुए बस रोकने के लिए कहा, लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने उनकी बात अनसुनी कर दी। सुनील कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया कि हादसा बुधवार रात करीब 11:30 बजे हुआ। उस समय बस में कुछ यात्री सो रहे थे, जबकि कुछ सोने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बस के अंदर बदबू आने लगी और यात्रियों को कुछ गड़बड़ होने का अंदेशा हुआ।

Sleeper Bus Fire: यात्रियों ने बस रोकने को कहा, लेकिन नहीं मानी बात

सुनील के अनुसार, यात्रियों ने ड्राइवर को बस में आ रही बदबू और धुएं के बारे में बताया। उन्होंने बस रोकने की मांग भी की, लेकिन बस चलती रही। यात्री का आरोप है कि जब तक धुआं तेजी से फैलने नहीं लगा, तब तक बस नहीं रोकी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के दौरान ड्राइवर गुटखा, पान और बीड़ी-सिगरेट पी रहा था। सुनील के मुताबिक, यात्रियों के बस रोकने के लिए कहने पर ड्राइवर की हंसी सुनाई दे रही थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। जब बस के अंदर धुआं भरने लगा और आग तेजी से फैलने लगी, तब बस रोकी गई। सुनील का दावा है कि इस दौरान ड्राइवर और कंडक्टर मौके से भाग गए। इसके बाद बस में मौजूद यात्रियों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।

आग बुझाने वाले सिलेंडर से नहीं बुझी आग, शीशा तोड़ने की कोशिश

सुनील ने बताया कि बस में आग बुझाने वाला सिलेंडर मौजूद था, लेकिन उससे आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग तेजी से फैल रही थी और कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। बाहर निकलने की कोशिश कर रहे यात्रियों ने एक-दूसरे की मदद करनी शुरू कर दी। यात्री के मुताबिक, उन्होंने आग बुझाने वाले सिलेंडर की मदद से बस की खिड़की का शीशा तोड़ने की कोशिश की, ताकि अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सके। लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बचाव कार्य करना बेहद मुश्किल हो गया। सुनील ने कहा कि बस के अंदर से लोगों के चीखने और मदद मांगने की आवाजें आ रही थीं। बाहर निकल चुके यात्री भी अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, आग के तेजी से फैलने के कारण कई यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। हादसे में 9 लोगों की जान चली गई।

‘समय पर बस रोक दी जाती तो बच सकती थीं जानें’

Sleeper Bus Fire: सुनील कुमार का कहना है कि अगर ड्राइवर ने यात्रियों की बात सुनकर समय रहते बस को सड़क किनारे रोक दिया होता, तो कई लोगों को बाहर निकलने का मौका मिल सकता था। उन्होंने बताया कि रात का समय होने के कारण बस में बड़ी संख्या में यात्री सो रहे थे। आग लगने के बाद कुछ यात्री किसी तरह बस से बाहर निकलने में सफल रहे। बाहर आए एक यात्री ने उस समय का वीडियो भी बनाया, जिसमें बस आग की लपटों से घिरी दिखाई दे रही है। सुनील के मुताबिक, अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश के बावजूद आग इतनी तेज थी कि बस के भीतर जाना मुश्किल था।

दिल्ली से महोबा जा रही थी बस, 40 से ज्यादा यात्री सवार

जानकारी के अनुसार, हादसा यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे जेवर थाना क्षेत्र में हुआ। राज कल्पना ट्रैवल्स की बस संख्या BR32 PA8647 दिल्ली से महोबा जा रही थी। बस में करीब 40 से 50 यात्रियों के सवार होने की बात सामने आई है। आग लगने के बाद कई यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन 9 यात्री बस के अंदर फंस गए और उनकी मौत हो गई। बस की सर्विस उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के लिए संचालित होने की जानकारी दी गई है।

पुलिस जांच में सामने आएगा आग लगने का कारण

हादसे की सही वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सुनील कुमार के बयान और उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के दायरे में बस में आग लगने का कारण, ड्राइवर और कंडक्टर की भूमिका और यात्रियों की शिकायत के बाद बस को समय रहते क्यों नहीं रोका गया, जैसे सवाल शामिल हैं। पुलिस की जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग कैसे लगी और हादसे से पहले बस में मौजूद यात्रियों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई थी।

क्या है इस हादसे का सबसे बड़ा सवाल?

Sleeper Bus Fire:यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा रात में चलने वाली स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यात्रियों के आरोपों की जांच के साथ यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि बस में सुरक्षा उपकरण काम कर रहे थे या नहीं और आपात स्थिति में यात्रियों को बाहर निकलने के लिए पर्याप्त समय और सुविधा मिली थी या नहीं। पुलिस जांच से हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos