सेविंग्स के लिए SIP और नियमित आय के लिए SWUP जैसे साधनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नए निवेशकों में लगभग 30% महिलाएं शामिल थीं। यह हमारे देश में निवेश के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है। वहीं, म्यूचुअल फंड का हिस्सा अब व्यक्तिगत बचत का 35% हो चुका है। यह आंकड़ा पिछले 5 वर्षों में काफी बदल गया है, जब यह केवल 10% था। इस कार्यक्रम के दौरान आदित्य बिड़ला सन लाइफ के जोनल मैनेजर शैलेंद्र दीक्षित ने कहा कि निवेशकों को चाहिए कि वे अपनी एसआईपी स्थिर रखें और बुरे समय में भी इसे न रोकें, नहीं तो भविष्य में संभावनाएं समाप्त हो जाती हैं।
रियल एस्टेट और गोल्ड की तुलना में म्यूचुअल फंड का बढ़ता आकर्षण
समाज में बदलाव के साथ, लोग अब रियल एस्टेट, गोल्ड और एफडी की बजाय म्यूचुअल फंड की ओर आकर्षित हो रहे हैं। शैलेंद्र दीक्षित ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि रिटायरमेंट का लक्ष्य एक विदेशी यात्रा की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। यदि निवेशक गलत समय पर बाजार में प्रवेश करते हैं तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। जबकि आज के विजेता कल के लिए संभावित हार के साथ आ सकते हैं।
शानदार रिटर्न पर ध्यान देने की आवश्यकता
निवेश करते समय आमतौर पर केवल रिटर्न (जैसे 12-15%) पर ध्यान दिया जाता है। हालांकि, अपने लक्ष्यों के साथ-साथ रिस्क प्रोफाइल को समझना भी जरूरी है। शैलेंद्र ने कहा कि कोविड से पहले म्यूचुअल फंड की मासिक एसआईपी बुक 8 हजार करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर 31,000 करोड़ हो गई है। यह परिवर्तन दर्शाता है कि भारतीय घरेलू निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 18.5% हो गई है, जो विदेशी निवेशकों से अधिक है।
एफडी का घटता आकर्षण
शैलेंद्र ने समझाया कि एफडी के बाद टैक्स के बाद केवल 4.5% से 5% रिटर्न मिल रहा है। इससे लोग अब गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ को प्राथमिकता दे रहे हैं, चूंकि इसका तरलता बहुत अधिक है। आपको केवल एक बटन दबाकर भी सोने को बेच सकते हैं। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे निर्धारित समय तक निवेश बनाए रखें, ताकि मार्केट साइकिल पूरी हो सके।
साइबर सुरक्षा में बढ़ते खतरे
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेश दण्डोतिया ने साइबर सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि धोखेबाज अक्सर रिश्तेदारों या परिचितों की पहचान बनाकर कॉल करते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए एकमात्र तरीका है कि आप फोन काटकर सीधे उस व्यक्ति को कॉल करें। डॉक्टरों के धोखाधड़ी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक नकली ट्रेडिंग घोटाले से एक डॉक्टर का पैसा खो गया था। इसके चलते लोगों को हमेशा सावधान रहने की सलाह दी गई।
सफल निवेश के सूत्र
निवेश एक ऐसा क्षेत्र है जहां कुछ न करना ही सबसे कठिन और लाभदायक होता है। निवेश का अनुशासन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। शैलेंद्र ने सलाह दी कि निवेशकों को केवल अपने व्यवहार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और मार्केट की अस्थिरता के दौरान धैर्य रखना चाहिए। कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रमुख पीयूष गुप्ता और क्लस्टर प्रमुख हसन नकवी भी शामिल थे