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February 8, 2026

West Bengal: मालदा में SIR सुनवाई के लिए जा रहे शिक्षक का ऑटो पलटा, पत्नी और 9 महीने के बच्चे की दर्दनाक मौत

The CSR Journal Magazine
मालदा जिले में वोटर लिस्ट के सुधार के सिलसिले में शिक्षक यासीन अंसारी का परिवार एक भयानक सड़क हादसे का शिकार हो गया। इस घटना में उनकी पत्नी और नौ महीने के बच्चे की जान चली गई। इस दुर्घटना ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया की मानवता पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अनेक राज्यों में SIR प्रक्रिया चल रही है, जबकि कुछ राज्यों में यह समाप्त हो चुकी है।

हादसे का विवरण

यासीन अंसारी, जो कि कालियाचक क्षेत्र के एक मदरसे में शिक्षक हैं, को वोटर लिस्ट में नाम की स्पेलिंग में गलती के कारण SIR नोटिस प्राप्त हुआ था। उन्हें इस मामले में सुनवाई में शामिल होने का निर्देश मिला था। इस तनावजनक परिस्थिति के कारण यासीन अंसारी शुक्रवार की सुबह अपनी पत्नी हलीमा खातून और बेटे आरिफ हसन के साथ ऑटो में सुनवाई केंद्र जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी सुस्तानी इलाके में पलट गई। हादसे में हलीमा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आरिफ ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

परिवार की स्थिति और तनाव

परिवार के सदस्यों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद यासीन अंसारी मानसिक तनाव में थे। उनके बहनोई का कहना था कि अगर यह सुनवाई इतनी आवश्यक न होती, तो शायद यह दुखद घटना टल जाती। यासीन अंसारी ने हादसे के बाद भी अपनी पत्नी और बच्चे के शवों के साथ अस्पताल के मुर्दाघर में छोड़कर SIR सुनवाई में भाग लिया, जो कि स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश का कारण बना।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि SIR प्रक्रिया अमानवीय है और लोगों को मुश्किल हालत में यह साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि वे नागरिक हैं। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक दुखद घटना है, लेकिन इसे SIR प्रक्रिया से जोड़ना गलत है।

सामाजिक प्रतिक्रिया और भविष्य

इस दुखद घटना पर समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि चुनावी प्रक्रियाओं में मानवीय पहलुओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि ऐसे मामलों में मानवीय संवेदनाएं और परिवार की गरिमा को नकारा नहीं जाना चाहिए। लोग अब यह उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।

कानूनी प्रक्रिया की जरूरत

इस घटना के बाद, कानूनी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता और अधिक प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है। शिक्षक यासीन अंसारी का दुखद अनुभव इस बात की याद दिलाता है कि मानव जीवन की कीमत हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।
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