app-store-logo
play-store-logo
January 16, 2026

UP: न कंधा, न सहारा, एटा में 8 साल का बच्चा मां का शव लेकर खुद पोस्टमार्टम कराने पहुंचा

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश के एटा जिले से सामने आई यह घटना समाज की संवेदनहीनता और रिश्तों की बेरुखी की ऐसी तस्वीर पेश करती है, जिसे पढ़कर किसी का भी दिल भर आए। जैथरा थाना क्षेत्र के नगला धीरज गांव में एक आठ साल का मासूम उस वक्त अकेला खड़ा दिखा, जब उसे सबसे ज्यादा सहारे की जरूरत थी। पिता को पहले ही खो चुका यह बच्चा अपनी मां की मौत के बाद पूरी तरह अकेला पड़ गया, लेकिन हालात के आगे झुकने के बजाय उसने खुद जिम्मेदारी उठाई।

इलाज के दौरान मां की मौत, टूट गया आखिरी सहारा

45 वर्षीय नीलम लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उनका इलाज एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। बीते एक साल पहले बच्चे के पिता की एचआईवी से मौत हो चुकी थी, जिसके बाद रिश्तेदारों ने परिवार से दूरी बना ली। मां ही बच्चे का एकमात्र सहारा थीं, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस एक खबर ने बच्चे की पूरी दुनिया उजाड़ दी।

रिश्तेदारों की बेरुखी, जायदाद पर नजर

मासूम ने अपने ही परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि चाचा और अन्य रिश्तेदारों की नजर उसकी जायदाद पर है, लेकिन मां के इलाज के दौरान किसी ने एक रुपया तक खर्च नहीं किया। इलाज के नाम पर हर दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। रिश्तों की यह बेरुखी इस घटना को और भी दर्दनाक बना देती है।

खुद मां को कंधा बनकर पहुंचा जिला मुख्यालय

मां की मौत के बाद जब पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हुई, तब भी कोई रिश्तेदार शव को कंधा देने नहीं आया। हालात इतने खराब थे कि चार लोग तक नसीब नहीं हुए। मजबूरी में आठ साल के इस मासूम ने खुद ही मां के शव को लेकर जिला मुख्यालय तक का सफर तय किया। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।

दिन-रात मां की सेवा में लगा रहा बच्चा

बताया जा रहा है कि मां की हालत गंभीर होने पर यह बच्चा अकेले ही फर्रुखाबाद, कानपुर और दिल्ली तक इलाज के लिए ले गया। पिछले आठ दिनों से वह मेडिकल कॉलेज में दिन-रात मां की सेवा कर रहा था। न तो उसके पास पैसे थे और न ही कोई बड़ा सहारा, फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। यह मासूम उम्र से पहले ही जिम्मेदारियों का बोझ उठाने को मजबूर हो गया।

पुलिस ने संभाली जिम्मेदारी

मामले की जानकारी मिलते ही जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने गंभीरता से हस्तक्षेप किया। पुलिस ने न केवल महिला के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी ली, बल्कि इस बेसहारा बच्चे को हरसंभव मदद देने का आश्वासन भी दिया है। प्रशासन की इस पहल से कम से कम इतना भरोसा जरूर जगा है कि बच्चा अब पूरी तरह अकेला नहीं रहेगा।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates
App Store – https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos