उत्तर प्रदेश का आगामी बजट महिलाओं के कल्याण पर केंद्रित है। योगी सरकार इस बजट में निराश्रित पेंशन में वृद्धि, मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी वितरण, और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने पर जोर दे रही है। इस बजट का उद्देश्य शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान कर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। यह बजट, जो विधानसभा में बुधवार को पेश किया जाएगा, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का अंतिम पूरा बजट है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विशेष योजनाओं पर फोकस
अभी के अनुमान के अनुसार, करीब 9 से 9.5 लाख करोड़ रुपये के बजट में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा। इसमें निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाने से लेकर मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी वितरण तक शामिल है। यह बजट महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
पेंशन में वृद्धि की संभावना
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा पेश किए जाने वाले इस बजट में पेंशन में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जा सकती है। यह पेंशन महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा है, जिससे लाखों महिलाओं को मासिक आर्थिक राहत मिलेगी। खासकर, ग्रामीण और शहरी गरीब महिलाओं को इसका लाभ अधिक होगा, जो कि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच आर्थिक परेशानियों का सामना करती हैं।
शी-मार्ट योजना को मिलेगा अवसर
इस बजट में केंद्र सरकार की शी-मार्ट योजना को शामिल किया जा सकता है। यह योजना महिलाओं को बाजार पहुंच और उत्पाद बिक्री के अवसर प्रदान करेगी। इससे ग्रामीण महिलाएं अपने हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों और छोटे व्यवसाय को बढ़ावा देने में सक्षम होंगी। यह योजना महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देगी और उन्हें घरेलू आय में योगदान देने का मौका देगी।
मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी की घोषणा
एक और महत्वपूर्ण योजना के तहत मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी वितरण की घोषणा की गई है। यह योजना छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देगी, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां परिवहन की कमी से लड़कियां विद्यालय नहीं जा पातीं। स्कूटी जैसी सुविधा उन्हें स्वतंत्रता प्रदान करेगी, जिसका नतीजा शिक्षा दर में वृद्धि होगा।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड को मिलेगी निधि
पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए 1900 करोड़ रुपये के आवंटन का अनुमान है। यह महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों में सुधार लाएगा। स्थानीय औद्योगिक विकास की ऐतिहासिक पहल से महिलाएं औद्योगिक नौकरियों में शामिल हो सकेंगी। इसके अलावा, सड़कों और परिवहन के लिए 45 हजार करोड़ और 4700 करोड़ रुपये का प्रावधान महिलाओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाएगा।
शिक्षा और खेलों में बढ़ता ध्यान
शिक्षा के क्षेत्र में महिलाएं विशेष फोकस का केंद्र होंगी। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन लड़कियों की शिक्षा को मजबूती प्रदान करेगा। खेलों को भी प्रोत्साहित करने के लिए 1000 करोड़ और स्पोर्ट्स कॉलेजों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान होगा, जिससे लड़कियां खेल के क्षेत्र में विकसित हो सकेंगी।