app-store-logo
play-store-logo
March 12, 2026

भारत-चीन समेत कई देशों पर अमेरिका की नई व्यापार जांच, गर्मियों तक बढ़ सकते हैं टैरिफ़

The CSR Journal Magazine
अमेरिका ने भारत और चीन सहित कई बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ़ नई व्यापार जांच शुरू की है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन देशों की कथित अनुचित व्यापार नीतियों की जांच की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो अमेरिका इन देशों से आयात होने वाले सामान पर नए टैरिफ़ लगा सकता है।
इस कदम को वैश्विक व्यापार राजनीति में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

सेक्शन 301 के तहत शुरू हुई जांच

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रिएर ने घोषणा की है कि सेक्शन 301 के तहत कई देशों के खिलाफ़ व्यापारिक जांच शुरू की गई है। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या ये देश अमेरिका के साथ व्यापार में अनुचित या असंतुलित नीतियां अपना रहे हैं। जिन देशों के खिलाफ़ जांच की जा रही है उनमें चीन, भारत, यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया और मेक्सिको जैसे बड़े आर्थिक साझेदार शामिल हैं। अमेरिका का मानना है कि अगर किसी देश की व्यापार नीति अमेरिकी कंपनियों के लिए नुकसानदायक साबित होती है तो उसके खिलाफ़ टैरिफ़ जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। ग्रिएर के अनुसार इस जांच प्रक्रिया को जुलाई से पहले पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

दोषी पाए जाने पर लग सकता है आयात कर

अमेरिकी व्यापार कानून के अनुसार यदि किसी देश को ‘अनफ़ेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ यानी अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया जाता है, तो अमेरिका को उस देश से आने वाले सामान पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का अधिकार मिल जाता है। इसका मतलब है कि उन देशों से आयात होने वाले उत्पाद अमेरिका में महंगे हो सकते हैं। इससे वैश्विक व्यापार पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि कई देशों की अर्थव्यवस्था अमेरिकी बाज़ार पर काफी हद तक निर्भर करती है। यदि अमेरिका नए टैरिफ़ लागू करता है तो इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठा कदम

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए कुछ टैरिफ़ को अवैध करार दिया था। अदालत ने कहा था कि पिछले साल अप्रैल में कई देशों पर लगाए गए कुछ शुल्क कानूनी रूप से सही नहीं थे। इस फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ़ लागू करने की घोषणा की थी। हालांकि ट्रंप ने कोर्ट के फैसले की कड़ी आलोचना की और इसे बेहद खराब बताया था। बाद में प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने संकेत दिए कि भविष्य में यह शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक किया जा सकता है।

कई एशियाई और यूरोपीय देश भी जांच के दायरे में

इस जांच के दायरे में केवल भारत और चीन ही नहीं बल्कि कई अन्य देश भी शामिल हैं। इनमें वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्ज़रलैंड और नॉर्वे जैसे देश भी शामिल हैं।
दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका के बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल कनाडा को इस जांच में शामिल नहीं किया गया है। इसी बीच इस सप्ताहांत पेरिस में अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच बातचीत होने वाली है। माना जा रहा है कि यह बैठक अमेरिका और चीन के बीच संभावित उच्च स्तरीय वार्ता की तैयारी का हिस्सा है। रिपोर्ट्स के अनुसार महीने के अंत में बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात भी हो सकती है।

Latest News

Popular Videos