मुंबई नगर निगम के मेयर चुनाव में हलचल तेज हो गई है। बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने पहले ही अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इसके बाद उद्धव ठाकरे गुट ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई, जिसमें पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने संख्या बल को स्वीकारते हुए एक मजबूत विपक्षी भूमिका निभाने के संकेत दिए। इस बैठक में यह चर्चा हुई कि ठाकरे गुट भी मेयर पद के लिए उम्मीदवार खड़ा कर सकता है।
किशोरी पेडनेकर का सामना
किशोरी पेडनेकर ने स्पष्ट किया कि अब एक मराठी मेयर का चयन हो चुका है और उन्होंने यह भी कहा कि संख्या के गणित को मानते हुए, ठाकरे गुट मेयर पद के लिए उम्मीदवार खड़ा कर सकता है। उन्होंने कहा, “अब चुनाव का रास्ता खुला है।” पेडनेकर ने मीडिया से बात करते हुए विपक्ष पर तीखे बयान दिए।
उद्धव सेना का महायुति पर प्रहार
पेडनेकर ने कहा कि 2022 में चाहे जो भी राजनीतिक संघर्ष चल रहा हो, बालासाहेब ठाकरे के नाम पर जो जनादेश मिला है, उसका उपयोग कब और किस तरह किया जा रहा है, यह जनता खुले तौर पर देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी लड़ाई मराठा जनमानस की पहचान के लिए हमेशा से रही है।
संख्या की अहमियत
किशोरी पेडनेकर ने आगे कहा कि हमें लोकतंत्र में संख्या के महत्व का ज्ञान है। पहले भी सत्ता में रहते हुए, हमने जनता की समस्याओं के लिए विपक्षी दल की भूमिका निभाई है। अब हम इस जिम्मेदारी को आधिकारिक तौर पर निभाएंगे। सभी पार्षद बिना किसी दबाव के अपने वार्ड के मुद्दों को उठाएंगे।
घमासान चुनावी राजनीति
संजय राउत के महापौर चुनाव संबंधी सांकेतिक बयान का जिक्र करते हुए किशोरी पेडनेकर ने कहा, “राउत साहब ने राजनीति के भविष्य के बारे में संकेत दे दिए हैं।” उन्होंने भरोसा जताया कि शिवसेना ठाकरे गुट मुंबई के हित में जो भी आवश्यक होगा, वह करेंगे। महायुति ने मुंबई नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए अपनी अधिकारिक उम्मीदवारी घोषित की है।
बीजेपी और शिंदे गुट की रणनीति
भारतीय जनता पार्टी ने रितु तावड़े को मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) ने संजय शंकर घाड़ी को डिप्टी मेयर पद के लिए मैदान में उतारा है। यह सब घटनाक्रम मुंबई नगर निगम के चुनावों को और भी दिलचस्प बनाने वाला है।
चुनावों की आती लहर
इतिहास में पहली बार बीजेपी की मेयर का चयन होना एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इस बार चुनावों के सभी उम्मीदवारों में तेज़ी से प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जिससे राजनीतिक हलचल में और वृद्धि हो रही है। सबकी नजरें अब उस दिशा पर है, जिसमें मुंबई की राजनीति आगे बढ़ेगी।