प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने पटेलनगर क्षेत्र में संचालित दो फैक्ट्रियों को सीज कर दिया। मौके से 60 क्विंटल से अधिक तैयार माल जब्त किया गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक कोटेड कप स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
हाउसिंग बोर्ड के मकान में चल रहा था अवैध निर्माण
पटेलनगर क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड के मकान में प्रतिबंधित प्लास्टिक कोटेड कप की मैन्युफैक्चरिंग की सूचना मिलने पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने कार्रवाई की। अधीक्षण वैज्ञानिक अधिकारी महेश कुमार सिंह के नेतृत्व में क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल, जितेंद्र मीणा और कन्हैया लाल कुमावत की टीम ने मैसर्स कविता शर्मा और मैसर्स आरडी एंटरप्राइजेज पर छापा मारा।
जांच के दौरान पाया गया कि दोनों इकाइयों में सिंगल यूज प्लास्टिक कोटेड कप का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान उत्पादन तुरंत बंद करवाकर गोदाम, मशीनें और तैयार माल सीज कर दिया गया। इस दौरान नगर निगम और होमगार्ड विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
रोजाना बन रहे थे लाखों प्रतिबंधित कप
अधिकारियों के अनुसार, दोनों फैक्ट्रियों में प्रतिदिन 50 एमएल से 200 एमएल क्षमता वाले करीब 3.50 लाख प्लास्टिक लेयर कप तैयार किए जा रहे थे। इन कपों की सप्लाई भीलवाड़ा सहित प्रदेश के कई जिलों में की जा रही थी। मौके से करीब 60 क्विंटल तैयार माल जब्त किया गया। मंडल अब इन फैक्ट्रियों के बिजली कनेक्शन काटने के लिए बिजली निगम को पत्र लिखेगा, ताकि भविष्य में दोबारा उत्पादन शुरू न हो सके।
गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2024 से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद इस तरह की अवैध गतिविधियां प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
सूचना देने वालों को 15 हजार तक का इनाम
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने बताया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सटीक जानकारी देने वाले व्यक्ति को 15 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।
वहीं, प्रतिबंधित प्लास्टिक वस्तुओं की बिक्री, परिवहन या भंडारण की सूचना देने पर 10 हजार रुपए तक का इनाम निर्धारित है। यह प्रोत्साहन राशि प्रति क्विंटल एक हजार रुपए के हिसाब से प्रदान की जाएगी। मंडल ने आमजन से अपील की है कि पर्यावरण और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
प्लास्टिक कोटेड कप से कैंसर का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक कोटेड कप में लगी अंदरूनी प्लास्टिक परत गर्म पेय पदार्थों के संपर्क में आकर ढीली हो सकती है। इससे सूक्ष्म माइक्रो प्लास्टिक कण चाय, कॉफी या अन्य गर्म तरल में घुलकर शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक माइक्रो प्लास्टिक का सेवन हार्मोनल असंतुलन, पाचन तंत्र की समस्याएं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकता है। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी अवैध इकाइयों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा।

