अक्टूबर 2025 में झीलों की नगरी उदयपुर में पर्यटन क्षेत्र ने ऐसा बूम देखा है जो पिछले डेढ़ दशक में किसी भी वर्ष में नहीं हुआ। शहर ने क़रीब 2.33 लाख घरेलू और 17,145 विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया — जो कि पिछले वर्ष इसी माह के आंकड़ों से काफी ऊपर है।
आंकड़े बोलते हैं
उदयपुर पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अक्टूबर माह में कुल 2.33 लाख भारतीय और 17 145 विदेशी पर्यटक यहाँ पहुँचे हैं। इस तुलना में, अक्टूबर 2024 में देशी पर्यटकों की संख्या 1 55 000 थी और विदेशी पर्यटक थे 17 490। इस तरह इस वर्ष घरेलू पर्यटकों में करीब 50% की वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि उदयपुर ने सिर्फ एक स्थानीय पर्यटन गंतव्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से आकर्षक स्थान के रूप में अपनी स्थिति और मजबूती से स्थापित की है।
क्या हुआ कारण?
उदयपुर में इस जबरदस्त पर्यटन रुझान के पीछे नीचे दिए गए प्रमुख कारण माने जा रहे हैं:
यहाँ का हेरिटेज + नेचर कॉम्बिनेशन बेहद आकर्षक है — झीलें, महल-हवेलियाँ, हरियाली और शांत वातावरण।
सभी श्रेणियों के होटल एवं रिसॉर्ट उपलब्ध हैं — बजट से लेकर लक्जरी तक।
मानसून के बाद झीलों का लबालब होना और हरियाली का नज़ारा पर्यटकों को खींच रहा है।
शादी-विवाह का सीजन भी चल रहा है, जिससे destination weddings की डिमांड बढ़ी है।
कई अंतरराष्ट्रीय टूर-पोर्टल्स ने उदयपुर को ‘मोस्ट रोमांटिक सिटी’ और ‘बेस्ट वेडिंग डेस्टिनेशन’ में शामिल किया है।
सिटी-पैलेस, फतेहसागर-पिछौला लेक, सिटी पैलेस म्यूज़ियम और बोट-राइड जैसी गतिविधियों की लोकप्रियता में वृद्धि हो रही है।
विदेशी सैलानियों की वापसी
कोविड-19 के बाद विदेशी सैलानियों की संख्या में गिरावट आई थी, लेकिन अब धीरे-धीरे यह फिर से बढ़ रही है। अर्थात् अक्टूबर 2025 में विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 17 145 रही, जो पिछले वर्ष के लगभग 17 490 के नज़दीक है। हालांकि वृद्धि सीमित दिख रही है, लेकिन यह स्थिरता विदेशी-पर्यटन के दृष्टिकोण से सकारात्मक संकेत है।
विशेष रूप से फ्रांस, अमेरिका, यूके, जर्मनी व ऑस्ट्रेलिया से आने वाले पर्यटन समूहों ने शहर को अपनी सूची में शामिल किया है।
पर्यटन कारोबार ने उड़ाई हवा
उदयपुर के होटलर्स एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल का कहना है कि इस अक्टूबर माह के दौरान शहर के अधिकांश होटल फुल रहे। पुराने शहर के रेस्तरां, बाज़ारों और पर्यटन स्थलों पर फुटफॉल सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुना रहा। उन्होंने यह भी बताया कि पर्यटन से जुड़े छोटे-मोटे व्यापारी, टैक्सी-वाले और स्थानीय बाजारों को भी जबरदस्त आर्थिक लाभ हुआ है।
चुनौतियाँ और भविष्य की राह
हालाँकि यह आंकड़े उत्साहवर्धक हैं, लेकिन चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर:
विदेशी पर्यटकों की संख्या में स्पष्ट वृद्धि अभी आए नहीं है — राजस्थान में जनवरी-अगस्त 2025 में विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 5% की गिरावट दर्ज की गई।
पर्यटन-इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, ट्रैफिक मैनेजमेंट और तापमान नियंत्रण जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
यह ज़रूरी है कि आने वाले वर्षों में इस वृद्धि को स्थायी बनाया जाए। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने नई पहलें शुरू कर रखी हैं — जैसे हेरिटेज रिकवरी, ईवेंट-टूरिज्म, फेस्टिवल्स व डिजिटल मार्केटिंग।
उदयपुर ने अक्टूबर 2025 में दिखा दिया कि स्थानीय आकर्षण, बेहतर सुविधाएँ, सही मार्केटिंग मिलकर पर्यटन को नए आयाम दे सकते हैं। यह सिर्फ एक पर्यटन अंक नहीं है, बल्कि शहर के सामाजिक-आर्थिक विकास का प्रतीक बन गया है। यदि सही दिशा में कदम जारी रखे गए तो यह शहर आने वाले वर्षों में ‘विश्व-श्रेणी पर्यटन गंतव्य’ के रूप में और आगे बढ़ेगा।
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