निरीक्षण के दौरान विनीता शर्मा ने ताज सुरक्षा पुलिस और सीआईएसएफ को निर्देश दिए कि जवान हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ ताजमहल के इतिहास की भी जानकारी रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर पर्यटकों की मदद की जा सके। उन्होंने ताजमहल और आसपास के क्षेत्रों में हिंदी-अंग्रेजी के अलावा अन्य विदेशी भाषाओं में भी साइनबोर्ड लगाने पर जोर दिया। आईबी की एडिशनल डायरेक्टर ने ताजमहल में लगे एंटी-ड्रोन सिस्टम का जायजा लिया और उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। सिस्टम को देखकर उन्होंने संतोष जताया।
मुख्य गुंबद पर पहुंचने के बाद यमुना की ओर से सुरक्षा और मजबूत करने के निर्देश सीआईएसएफ को दिए। पुलिस को यमुना में जल पुलिस की गश्त प्रभावी रखने और 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। ताजमहल के बाहर सभी बैरियरों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, मेटल डिटेक्टर से हर व्यक्ति की जांच सुनिश्चित करने और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखने को कहा गया। निरीक्षण के बाद सर्किट हाउस में पुलिस, सीआईएसएफ, यूपी पर्यटन और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा के साथ-साथ पर्यटकों की सुविधा प्राथमिकता रहे। लाइन में लगने के दौरान पर्यटकों को ज्यादा देर तक रोका न जाए। पुलिस और सीआईएसएफ की छवि ऐसी बने कि पर्यटक उन्हें पुलिस नहीं, बल्कि मित्र के रूप में देखें। बैठक में आतंकी खतरे और दैवीय आपदा से निपटने को लेकर सभी एजेंसियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। इसके लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा पर जोर दिया गया।
अधीक्षक पुरातत्व स्मिता कुमार ने बताया कि पर्यटन सीजन में वीकेंड और छुट्टियों के दौरान रोजाना 75 हजार से अधिक पर्यटकों के ताजमहल पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रणनीति पर भी चर्चा की गई। बैठक में पुलिस आयुक्त दीपक कुमार, आईजी सीआईएसएफ नवज्योति गोगई, अपर पुलिस आयुक्त राम बदन सिंह, आईपीएस आशीष कुमार, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास, सीआईएसएफ वरिष्ठ कमांडेंट वैभव कुमार, एसीपी ताज सुरक्षा पियूष कांत राय सहित यूपी पर्यटन और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।