सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शन रोकने की व्यापारी याचिका पर तत्काल आदेश देने से किया इनकार

The CSR Journal Magazine
दिल्ली के व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव की चिंता जताई गई थी। कोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका पर तत्काल आदेश देने से इनकार कर दिया। CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रदर्शन जरूरी हो सकता है, और अगर इससे कारोबार में कोई गैरकानूनी रुकावट आती है, तो कोर्ट अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करेगा।

कनॉट प्लेस में कारोबार पर असर

व्यापारियों का कहना है कि सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस बाजार में रोजाना 200 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हो सकता है। CJI ने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन से कई परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे समझदारी दिखाएं और स्थिति को समझें।

प्रदर्शन के कारण बंद हुआ सेंट्रल पार्क

नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने प्रदर्शन के कारण सेंट्रल पार्क को बंद करने का आदेश दिया है। व्यापारियों ने चिंता जताई है कि इससे छोटे व्यापारियों और ठेले वालों का कारोबार भी प्रभावित होगा। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि प्रदर्शन और कारोबार के बीच संतुलन होना जरूरी है।

त्योहारों का सीजन और व्यापारियों की चिंताएं

व्यापारी संगठनों ने त्योहारों और शादी के सीजन में प्रदर्शन के कारण संभावित कारोबार नुकसान का मुद्दा उठाया है। याचिका में कहा गया है कि 10 अक्टूबर से प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को 2,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने भी इस नुकसान की पुष्टि की है।

व्यापारियों की तीन प्रमुख मांगें

व्यापारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि बाजारों तक आवाजाही बनी रहे। दूसरी मांग है कि प्रदर्शन के लिए अलग जगह तय की जाए, ताकि व्यावसायिक इलाकों और शहर के केंद्र से दूर उपयुक्त स्थानों की पहचान की जा सके। तीसरी मांग प्रदर्शन प्रबंधन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने की है।

सरकार पर आरोप और व्यापारियों का बयान

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से कारोबार प्रभावित नहीं होता, बल्कि जब सरकार पूरे शहर को बंद करने का निर्णय लेती है, तब स्थिति बिगड़ती है। इससे नागरिकों की आवाजाही पर भी असर पड़ता है।

अक्टूबर में प्रदर्शन का असर

व्यापारियों ने कहा कि अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच होने वाले प्रदर्शनों से दिल्ली के बड़े बाजारों और वहां जाने वाली सड़कों पर आवाजाही प्रभावित नहीं होनी चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह के प्रदर्शनों से न केवल उनके कारोबार पर असर पड़ता है, बल्कि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित होती है।

कोर्ट की सुनवाई का अगला चरण

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इस दौरान कोर्ट यह तय करेगा कि क्या प्रदर्शन से कारोबार में कोई गैरकानूनी रुकावट आ रही है या नहीं। व्यापारी संगठनों ने इस सुनवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनकी चिंताओं का समाधान हो सके।

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